Longan Farming Tips: आज के वक्त में खेती का तरीका बिल्कुल बदल चुका है. अब किसान ट्रेडिशनल फसलों को छोड़कर लोग अब ऐसी चीज़ों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं जो कम मेहनत में तगड़ा प्रॉफिट दें. इसी लिस्ट में एक नया नाम जुड़ गया है विदेशी फल लोंगन का जिसकी डिमांड मार्केट में काफी तेज़ी से बढ़ रही है. लीची जैसा दिखने वाला यह फल अपनी बेहतरीन मिठास और लाजवाब स्वाद के लिए जाना जाता है.

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खास बात यह है कि हमारे देश की मिट्टी में भी इसका एक्सपेरिमेंट पूरी तरह से सफल रहा है. हमारी जलवायु में इस विदेशी फल को न सिर्फ आसानी से उगाया जा सकता है बल्कि इसे मुनाफे का एक बड़ा जरिया भी बनाया जा सकता है. अगर आप भी पारंपरिक खेती के जाल से बाहर निकलकर कुछ नया और बेहद फायदेमंद ट्राई करना चाहते हैं. तो लोंगन आपके लिए एक परफेक्ट चॉइस साबित हो सकता है जो वाकई आपकी मिट्टी को सोने में बदल देगा.

इस अनोखे फल की खासियत 

हमारे यहां के मौसम में लोंगन की खेती बहुत आसानी से की जा सकती है और इसका पौधा यहां के वातावरण में अच्छे से सरवाइव करता है. दिखने में यह फल हूबहू लीची जैसा ही होता है लेकिन इसका छिलका थोड़ा कड़ा, मटमैला और चिकना होता है जिसके अंदर बेहद रसीला और मीठा गूदा मौजूद रहता है. 

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लगातार मिलते रहते हैं फल

इस फल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसे एक बार लगाने के बाद सालों तक रेगुलर फल मिलते रहते हैं और इसका रख-रखाव भी काफी आसान होता है. लोकल मार्केट से लेकर बड़े शहरों के स्टोर्स तक इसकी मांग बहुत ज्यादा है, क्योंकि लोग अब रूटीन फलों से हटकर कुछ नया, टेस्टी और हेल्दी खाना पसंद कर रहे हैं.

कम लागत में बंपर कमाई 

आर्थिक नजरिए से देखें तो लोंगन की खेती किस्मत बदलने का दम रखती है क्योंकि इसके पौधे एक बार सही ढंग से सेट हो जाएं तो बहुत कम सिंचाई और बेसिक खाद में भी बंपर पैदावार देते हैं. मार्केट में इस विदेशी फल की कीमत आम भारतीय फलों के मुकाबले कई गुना ज्यादा मिलती है. जिससे लागत बहुत जल्दी रिकवर हो जाती है और मुनाफा सीधा बैंक अकाउंट में दिखने लगता है. 

ऐसे लगाएं अपने खेत में लोंगन

इस विदेशी फल को अपने खेत में लगाने के लिए सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के ग्राफ्टेड पौधे सिलेक्ट करें. जिससे पैदावार जल्दी और बंपर हो. खेत की तैयारी करते समय मिट्टी में अच्छी मात्रा में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर सही साइज के गड्ढे तैयार कर लें. पौधों को तय दूरी पर लगाएं जिससे उन्हें फैलने के लिए पूरा स्पेस मिले.

सिंचाई का रखें ख्याल

शुरुआती दिनों में हल्की सिंचाई की जरूरत होती है. लेकिन ध्यान रहे कि जड़ों में पानी जमा न हो. यह पौधा हर तरह की मिट्टी में आसानी से ढल जाता है और इसे बहुत ज्यादा देखभाल या महंगे कीटनाशकों की जरूरत नहीं पड़ती. बस सही समय पर हल्की प्रूनिंग और बेसिक खाद देने से पेड़ फलों से लद जाता है.

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