Long Term Profitable Crops : खेती आज कमाई का मजबूत जरिया बनती जा रही है. लेकिन छोटे किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि कम जमीन में ऐसी कौन-सी फसल उगाई जाए, जिससे लंबे समय तक अच्छी कमाई होती रहे. भारत में करीब 86 प्रतिशत किसानों के पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है. ऐसे में हर सीजन यही सवाल रहता है कि कौन-सी फसल ज्यादा फायदा देगी. सही फसल का चुनाव, बाजार तक पहुंच और थोड़ी सी प्लानिंग के साथ छोटी जमीन से भी बेहतर कमाई की जा सकती है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि किन फसलों से लॉन्ग टर्म मुनाफा होगा. 

Continues below advertisement

किन फसलों से लॉन्ग टर्म मुनाफा होगा?

1. केले की खेती - केले की मांग पूरे साल बनी रहती है, इसलिए इसकी बिक्री आसानी से हो जाती है. इसकी पहली फसल 11 से 14 महीने में तैयार होती है और रैटून फसल से लंबे समय तक उत्पादन मिलता रहता है. केले के पत्ते और तना भी अतिरिक्त इनकम का जरिया बन सकते हैं. 

Continues below advertisement

2. . ड्रैगन फ्रूट और सहजन - ड्रैगन फ्रूट एक बार लगाने पर 20 से 25 साल तक उत्पादन दे सकता है और कम पानी में भी अच्छी तरह उगता है. वहीं सहजन की पहली फसल 6 से 8 महीने में मिल जाती है और एक पौधा 5 से 10 साल तक उत्पादन देता है. 

3. औषधीय पौधों की खेती - अश्वगंधा, तुलसी, एलोवेरा, कालमेघ, सफेद मूसली, हल्दी और अदरक जैसे औषधीय पौधों की मांग लगातार बढ़ रही है. कई कंपनियां इन्हें सीधे किसानों से खरीदती हैं और NMPB के तहत 30 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी मिल सकती है. 

4. फूल और मशरूम की खेती - गुलाब, गेंदा, जरबेरा और गुलदाउदी जैसे फूलों की मांग शादी, त्योहार और धार्मिक इनकमोजनों में बनी रहती है. वहीं मशरूम की खेती कम जगह में भी की जा सकती है और इसकी पहली फसल सिर्फ 30 से 45 दिनों में तैयार हो जाती है. 

5. स्ट्रॉबेरी और हाई वैल्यू सब्जियां - स्ट्रॉबेरी, रंगीन शिमला मिर्च, चेरी टमाटर, ब्रोकली और बेबी कॉर्न जैसी फसलों की शहरों में अच्छी मांग रहती है. ये फसलें बेहतर कीमत दिलाती हैं और होटल, रेस्टोरेंट साथ ही सुपरमार्केट में आसानी से बिक जाती हैं. 

6. खरबूजे की खेती - खरबूजा गर्मियों में सबसे ज्यादा बिकने वाली फसलों में से एक है. यह 75 से 90 दिनों में तैयार हो जाता है, शुरुआती लागत कम होती है और इसे तरबूज या खीरे जैसी दूसरी फसलों के साथ उगाकर भी अतिरिक्त कमाई की जा सकती है. 

यह भी पढ़ें -भीषण गर्मी में भी चिल्ड रहेंगी सब्जियां, गांव में ऐसे बनाएं देसी फ्रिज

सही फसल चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

किसी भी फसल की खेती शुरू करने से पहले अपने क्षेत्र की जलवायु, पानी की उपलब्धता, बाजार तक पहुंच, निवेश क्षमता और फसल तैयार होने में लगने वाले समय को जरूर ध्यान में रखें. कम पानी वाले क्षेत्रों में सहजन और एलोवेरा जैसी फसलें बेहतर ऑप्शन हो सकती हैं, जबकि जल्दी कमाई के लिए मशरूम, सब्जियां और खरबूजा उपयुक्त माने जाते हैं. वहीं लंबे समय तक इनकम के लिए ड्रैगन फ्रूट और फूलों की कुछ फसलें बेहतर ऑप्शन बन सकती हैं. 

सरकार की योजनाओं का भी मिल सकता है फायदा

लॉन्ग टर्म मुनाफा देने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं. इनमें पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM), राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अलग-अलग राज्यों की विशेष सब्सिडी योजनाएं शामिल हैं. नई फसल शुरू करने से पहले किसान अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि विभाग से जानकारी ले सकते हैं. 

यह भी पढ़ें - सावन में बालकनी के लिए वरदान हैं ये 5 पौधे, इन्हें लगाते ही आसपास नहीं फटकतीं बीमारियां