Agriculture Growth: देश के किसान पसीने से जमीन को सींच रहे हैं. इसी कारण आज देश के हर घर में लोग दो जून की रोटी सुकून से खा रहे हैं. केंद्र सरकार और स्टेट गवर्नमेंट भी समय समय पर ऐसे किसानों को सम्मान से नवाजती रहती हैं. उन्हें एग्रीकल्चर क्षेत्र में सुधार के स्टार के रूप में देखा जाता है. अब उत्तराखंड सरकार ने किसानों को सम्मान देने के लिए पहल की है. उत्तराखण्ड में किसानों को कृषि कर्मण एवं प्रशंसा पुरस्कार दिया जाएगा. इससे प्रदेश ही नहीं देश में किसानों का मान बढ़ेगा. 

हर जिले से एक महिला, एक पुरुष किसान का होगा सम्मान

उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत कषि कर्मण एवं प्रशंसा पुरस्कार की शुरुआत की है. स्टेट गवर्नमेंट हर जिले से एक महिला और एक पुरुष किसान का चयन करेगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके अंतर्गत उत्तराखंड सरकार एग्रीकल्चर क्षेत्र सीजन 2021-22 में बेहतर कार्य करने वाले किसानों का चयन करेगी. इन किसानों ने नई तकनीकों की मदद से अनाज पैदावार की हो या फिर एग्रीकल्चर ग्रोथ के लिए नई तकनीक डेवलप करने का काम किया हो. 

30 नवंबर से पहले करना होगा आवेदन

उत्तराखंड के किसानों को एप्लाई करने के लिए समय भी दिया है. 30 नवंबर से पहले उत्तराखंड सरकार की एग्रीकल्चर मंत्रालय की साइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. किसान 30 नवंबर से पहले आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा हाल मेें बिहार में किसान गौरव सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. इसके तहत बिहार के बेगूसराय में धान, गेहूं और आलू की खेती में बेहतर करने वाले जिले के 75 किसान चयनित किए जाएंगे. इनमें से 70 किसानों को किसान श्री पुरस्कार मिलेगा, जबकि पांच किसानों को किसान गौरव सम्मान दिया जाएगा. कुछ किसानों को राज्य स्तर पर राज्य श्रेष्ठ पुरस्कार भी दिया जाएगा. इस संबंध में जिला प्रशासन व एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट तैयारियां में जुटा हुआ है. 

गोपाल रत्न पुरस्कार भी है किसान का सम्मान

गोपाल रत्न पुरस्कार भी किसानों के सम्मान से जुड़ा हुआ है. मछली पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से वर्ष 2017 से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार योजना शुरू की गई है. ऐसे पशुपालक, किसान एवं उद्यमी को पुरस्कृत किया जाता है जो पशु पालन क्षेत्र में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं. इस सम्मान का मकसद देश में पशुधन को समृद्ध बनाकर दुग्धोत्पादन बढ़ाना है. इस योजना में देश के किसान, पशुपालक, डेयरी सहकारी समिति, दुग्ध उत्पादक कंपनी, कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसमें पहला पुरस्कार पाने वाले पशुपालक को 5 लाख रुपये,, दूसरे स्थान पर रहने वाले पशुपालक को 3 लाख और तृतीय पुरस्कार पाने वाले पशुपालक को 2 लाख रुपये की नकद पुरस्कार धनराशि दी जाती है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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