किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए आसानी से पैसा मिल सके, इसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी  की सुविधा दी जाती है. इससे किसान बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए कर्ज ले सकते हैं. लेकिन केसीसी  से पैसा लेने के बाद उसे तय समय पर चुकाना भी जरूरी होता है. अगर किसान समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो आगे उनकी परेशानी बढ़ सकती है. समय पर भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज में खास फायदा मिलता है. वहीं भुगतान में देरी होने पर यह फायदा नहीं मिलता और बैंक की तरफ से अतिरिक्त ब्याज या दूसरी शर्तें लागू हो सकती हैं. इसलिए किसान भाई केसीसी  की तारीख को जरूर याद रखें.

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समय पर पैसा नहीं भरा तो ब्याज बढ़ सकता है

केसीसी  से लिया गया कर्ज तय समय के अंदर चुकाना जरूरी होता है. अगर किसान तय तारीख तक पैसा नहीं भरते हैं, तो कर्ज की रकम बकाया मानी जाती है. ऐसी स्थिति में बैंक के नियमों के अनुसार ब्याज बढ़ सकता है. RBI के नियमों के मुताबिक कृषि कर्ज की किस्त या कर्ज की रकम समय पर न चुकाने पर बकाया रकम पर ब्याज लगाया जा सकता है. कुछ मामलों में बैंक की नीति के अनुसार अतिरिक्त शुल्क या दंडात्मक ब्याज भी लगाया जा सकता है. इसलिए किसान को केसीसी  की भुगतान तारीख का ध्यान रखना चाहिए और समय रहते बैंक से जानकारी लेनी चाहिए.

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समय पर चुकाने पर मिलता है फायदा

केसीसी  कर्ज को समय पर चुकाने वाले किसानों को ब्याज में फायदा मिलता है. सरकार की ब्याज सहायता योजना के तहत तय सीमा तक फसल और खेती से जुड़े कर्ज पर ब्याज में राहत दी जाती है. समय पर कर्ज चुकाने पर किसानों को अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज सहायता का लाभ भी मिलता है. इससे प्रभावी ब्याज दर 4 प्रतिशत तक रह सकती है, तय शर्तों के अनुसार. यही वजह है कि केसीसी  का पैसा समय पर भरना किसानों के लिए फायदेमंद रहता है. अगर भुगतान में देरी होती है, तो समय पर भुगतान करने से मिलने वाला यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिल सकता.

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पैसा भरने में परेशानी है तो बैंक से बात करें

कई बार फसल खराब होने, मौसम बिगड़ने या दूसरी वजहों से किसान समय पर कर्ज नहीं चुका पाते हैं. ऐसी स्थिति में कर्ज को लेकर चुप रहने के बजाय किसान को तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए. कुछ परिस्थितियों में बैंक कर्ज की अवधि बढ़ाने या भुगतान की व्यवस्था बदलने पर विचार कर सकता है. RBI के नियमों में भी प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में प्रभावित किसानों के कर्ज के पुनर्गठन की व्यवस्था का प्रावधान है. इसलिए अगर केसीसी  का पैसा भरने में परेशानी आ रही है, तो समय रहते बैंक से बात करना बेहतर रहता है. किसान को अपनी केसीसी की भुगतान तारीख, बकाया रकम और बैंक की शर्तों की जानकारी हमेशा अपने पास रखनी चाहिए.

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