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सिर्फ फसल ही नहीं, गाय-भैंस और मछली पालन के लिए भी काम आएगा यह कार्ड, ऐसे उठाएं फायदा

Kisan Credit Card: किसान क्रेडिट कार्ड से अब फसलों के साथ-साथ डेयरी और मछली पालन के लिए भी बिना गारंटी बेहद सस्ता लोन मिलता है. किसानों को ब्याज में एक्स्ट्रा छूट मिलती है. जानें अप्लाई करने का तरीका.

Kisan Credit Card: खेती-किसानी के काम में कई बार समय पर पैसों का इंतजाम न होना किसानों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी बन जाता है. चाहे फसलों के लिए खाद-बीज खरीदना हो या फिर नए कृषि उपकरण, बजट की कमी के कारण अक्सर काम रुक जाते हैं. इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार की बेहद पॉपुलर स्कीम 'किसान क्रेडिट कार्ड' यानी केसीसी किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ फसलों की खेती तक ही सीमित नहीं है. 

बल्कि अगर आप अपनी एक्स्ट्रा इनकम के लिए गाय-भैंस पालना चाहते हैं या बड़े पैमाने पर मछली पालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो भी यह कार्ड आपकी पैसों की हर जरूरत को तुरंत पूरा करता है. चलिए बताते हैं कि कैसे किसान इस एक अकेले कार्ड की मदद से अपने मल्टीपल बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं और सरकारी मदद का पूरा फायदा उठा सकते हैं.

कार्ड एक और फायदे अनेक

किसान क्रेडिट कार्ड योजना को अब काफी ज्यादा फ्लेक्सिबल बना दिया गया है जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके. इस स्कीम के तहत किसानों को बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई और गारंटी के बेहद कम ब्याज दर पर लोन मिल जाता है. अगर आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं. नई गाय या भैंस खरीदना चाहते हैं. उनके चारे का इंतजाम करना चाहते हैं.

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वहीं आप अगर मछली पालन के लिए तालाब बनवाना और उनके लिए दाना-पानी खरीदना चाहते हैं. तो केसीसी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आप इन सभी कामों के लिए बेहद आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए आपको अलग-अलग बैंकों या साहूकारों के चक्कर काटकर भारी ब्याज देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.

ब्याज में भारी छूट 

इस कार्ड के जरिए किसानों को मिलने वाले लोन का ब्याज गणित बहुत ही शानदार और किफायती है. वैसे तो इस लोन पर ब्याज दर काफी कम होती है. लेकिन अगर आप समय पर बैंक का पैसा चुका देते हैं. तो सरकार की तरफ से आपको ब्याज में 3 परसेंट तक की एक्स्ट्रा छूट भी मिलती है. जिससे यह लोन नाममात्र के ब्याज पर मिल जाता है.

कार्ड बनवाने का आसान तरीका

इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए आप अपने नजदीकी सरकारी या प्राइवेट बैंक में जाकर एक सिंपल फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपको बस अपनी जमीन के दस्तावेज, पहचान पत्र, आधार कार्ड और अपने बिजनेस जैसे डेयरी या मत्स्य पालन से जुड़े बुनियादी कागजात जमा करने होते हैं. जिसके बाद बैंक आपके क्रेडिट के हिसाब से लोन की लिमिट तय कर कार्ड जारी कर देता है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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