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कितने की आती है जखराना बकरी, कितने रुपये लीटर बिकता है इसका दूध?

दूध उत्पादन के लिए मशहूर जखराना नस्ल की बकरी लगभग 25,000 से 1 लाख रुपये तक में आती है, जबकि इसके औषधीय गुणों से भरपूर दूध की साल भर बाजार में भारी मांग बनी रहती है.

बकरी पालन के जरिए अच्छी कमाई करने की सोच रहे किसानों के बीच जखराना नस्ल की बकरी काफी पॉपुलर होती जा रही है. राजस्थान के अलवर जिले के बेहरोर तहसील स्थित जखराना गांव से निकली यह नस्ल दूध और मांस दोनों के लिए पाली जाती है, लेकिन इसे खासतौर पर अच्छी दूध देने वाली बकरी के तौर पर जाना जाता है. इसकी बनावट और दूध देने की क्षमता इसे बीटल नस्ल से काफी मिलती-जुलती बनाती है, हालांकि जखराना बकरी कद में उससे लंबी होती है. आइए जानते हैं इस नस्ल की खासियत, इसकी कीमत और इसके दूध से जुड़ी पूरी जानकारी.

कितना दूध देती है जखराना बकरी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक जखराना बकरी औसतन रोजाना 2 से 5 लीटर तक दूध दे सकती है, और सामान्य औसत करीब 3.3 लीटर प्रतिदिन के आसपास रहता है. सही देखभाल और अच्छी फीडिंग के साथ पाली जाने वाली बकरियां एक ब्यांत में यानी दूध देने के पूरे सीजन में करीब 150 से 250 किलोग्राम तक दूध दे सकती हैं. यही वजह है कि इस नस्ल को देसी बकरियों में सबसे ज्यादा दूध देने वाली नस्लों में गिना जाता है, और इसका दूध देने का सीजन भी करीब 140 से 220 दिनों तक चलता है.

प्रजनन क्षमता भी है बेहतर

जखराना बकरी की एक और खासियत इसकी अच्छी प्रजनन दर है. इस नस्ल में ब्रीडिंग एफिशिएंसी करीब 85 प्रतिशत और किडिंग एफिशिएंसी करीब 80 प्रतिशत तक होती है. यह बकरी साल में दो बार बच्चे देती है, एक बार जून-जुलाई में और दूसरी बार अक्टूबर-नवंबर में, और इसमें जुड़वा बच्चे होने की दर भी 80 से 90 प्रतिशत तक रहती है. यानी किसान के लिए यह नस्ल दूध के साथ-साथ बच्चों की संख्या के लिहाज से भी फायदेमंद साबित होती है.

कितने में मिलती है जखराना बकरी?

जखराना बकरी की कीमत उसकी उम्र, सेहत, बच्चा देने की संख्या और नस्ल की शुद्धता पर निर्भर करती है. आमतौर पर बाजार में अच्छी नस्ल की जखराना बकरी की कीमत 25,000 रुपये से शुरू होकर बेहतरीन नस्ल और ज्यादा दूध देने की क्षमता वाली बकरियों के लिए लाखों रुपये तक भी पहुंच सकती है.

खास बात यह है कि आजकल कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी जखराना बकरी बेची जा रही है, जहां इनकी कीमत 12,000 से 15,000 रुपये तक भी देखी जा रही है. ऐसे में खरीदारी से पहले बकरी की सेहत, उम्र और नस्ल की पूरी जांच करना जरूरी होता है, ताकि सही कीमत पर सही बकरी मिल सके.

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कितने रुपये में बिकता है बकरी का दूध?

बकरी के दूध की मांग हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, क्योंकि इसे सेहत के लिहाज से गाय-भैंस के दूध से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने आदिवासी इलाकों के किसानों से बकरी का दूध 50 से 70 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदना शुरू किया है. 

खुले बाजार और डेयरी फार्म्स पर जखराना बकरी का शुद्ध और कच्चा दूध अमूमन 150 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति लीटर तक आसानी से बिक जाता है. वहीं जब शहरों में डेंगू का प्रकोप बढ़ता है और बकरी के दूध की मांग अचानक तेज होती है, तो यही दूध 500 रुपये से लेकर 1,500 रुपये प्रति लीटर तक के रिकॉर्ड भाव पर भी बिकता है. 

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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