देश में दालों के उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों तक उन्नत किस्में पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. कानपुर स्थित भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान ICAR-IIPR ने निजी कंपनियों, बीज उत्पादकों और कृषि उद्यमियों को अपनी साझेदारी का न्योता दिया है. संस्थान ने अपनी प्रयोगशालाओं में तैयार उन्नत दलहनी फसलों की किस्मों के व्यावसायिक बीज उत्पादन के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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इस योजना के तहत अब बीज कंपनियां और कारोबारी IIPR से लाइसेंस लेकर उन्नत किस्मों के बीज तैयार कर सकेंगे और उन्हें बाजार में अपने खुद के ब्रांड नाम से बेचकर बड़ा मुनाफा कमा सकेंगे.

इन फसलों के बीज तैयार कर सकेंगी कंपनियां

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान द्वारा शुरू की गई इस विशेष पहल में देश की सभी प्रमुख दलहनी फसलों को शामिल किया गया है. लाइसेंस लेने के बाद कंपनियां और बीज उत्पादक बड़े पैमाने पर चना, अरहर, मसूर, मटर, मूंग और उड़द जैसी फसलों के उन्नत बीजों का उत्पादन कर सकेंगे.

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संस्थान का मुख्य उद्देश्य यह है कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई अधिक उपज देने वाली और बीमारियों से लड़ने वाली उन्नत किस्में सीधे और तेजी से हर गांव के किसानों तक पहुंच सके. इससे जहां एक तरफ देश में दलहन का उत्पादन बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ बीज व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपनी कंपनी के ब्रांड को स्थापित करने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा.

क्या है गैर-विशिष्ट लाइसेंस की नीति?

आईआईपीआर की यह लाइसेंसिंग प्रक्रिया Non-Exclusive License नीति पर आधारित है. इसका मतलब यह है कि किसी एक उन्नत किस्म के बीज उत्पादन का अधिकार केवल किसी एक बड़ी कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा. एक ही किस्म के बीज को तैयार करने और बेचने के लिए कई अलग-अलग कंपनियां या स्थानीय बीज उत्पादक एक साथ लाइसेंस ले सकते हैं.

इस नीति के कारण बाजार में किसी एक कंपनी का दबदबा नहीं होगा और छोटे बीज उत्पादकों को भी बराबर का मौका मिलेगा. साथ ही, जब कई कंपनियां एक ही उन्नत किस्म का बीज तैयार करेंगी, तो किसानों को सही कीमत पर अच्छी गुणवत्ता का बीज आसानी से मिल सकेगा.

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लाइसेंस पाने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

दलहन बीज उत्पादन का लाइसेंस लेने के लिए कंपनियों और कृषि उद्यमियों को एक तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. सबसे पहले आवेदक को भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान IIPR की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या संस्थान के व्यापार विकास सेल ITMU से संपर्क करके आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होता है.

आवेदन के साथ कंपनी का पंजीकरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर, बीज बिक्री का मौजूदा लाइसेंस, गोदाम और जमीन की जानकारी जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. संस्थान की एक उच्च स्तरीय कमेटी आवेदन और कंपनी की बुनियादी सुविधाओं, जैसे प्रोसेसिंग प्लांट और स्टोरेज क्षमता की जांच करती है. सभी मानक सही पाए जाने पर और निर्धारित लाइसेंस शुल्क जमा करने के बाद संस्थान और कंपनी के बीच एक समझौता होता है, जिसके बाद आधिकारिक रूप से लाइसेंस जारी कर दिया जाता है.

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