Taro Farming: अगर आप अपने किचन गार्डन में सब्जियां उगाना चाहते हैं और जगह बहुत कम है तो आप इस मौसम में घुइयां यानी अरबी उगा सकते हैं. बारिश का मौसम अरबी की खेती के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, क्योंकि यह फसल नमी वाली मिट्टी में तेजी से बढ़ती है. खास बात यह है कि अरबी को उगाने के लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं होती, बल्कि इससे गमले, ग्रो बैग या छत पर रखे कंटेनर में भी आसानी से लगाया जा सकता है.

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इसके पत्तों और कंद दोनों का इस्तेमाल खाने में किया जाता है. इसलिए एक ही पौधे से दोहरा फायदा मिलता है. तो चलिए अब आपको बताते हैं कि आप अपने किचन गार्डन में घुइयां कैसे उगा सकते हैं, जिससे आपकी मम्मी भी खुश हो जाएगी. 

सबसे पहले तैयार करें सही मिट्टी 

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अरबी की अच्छी बढ़वार के लिए भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी जरूरी होती है. इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी 30 प्रतिशत गोबर की सड़ी हुई खाद और 20 प्रतिशत कोकोपीट, बालू या नदी की रेत मिलाकर पॉटिंग मिक्स तैयार किया जा सकता है. इसमें थोड़ी मात्रा में नीम खली मिलाने से पौधों को ज्यादा पोषण मिलता है और कीटों का खतरा कम हो रहता है. अगर गमले में अरबी उगानी है, तो कम से कम 10 से 12 इंच गहरा और चौड़ा कंटेनर चुनना चाहिए, ताकि जड़ों और कंदों को फैलने के लिए जगह मिल सके. 

अरबी लगाने का आसान तरीका 

अरबी की खेती बीज से नहीं बल्कि कंद से की जाती है. इसके लिए बाजार या नर्सरी से स्वस्थ और मजबूत अरबी के कंद लिए जा सकते हैं. कई लोग कंदों को लगाने से पहले कुछ दिनों तक नम कपड़े में लपेटकर रखते हैं, जिससे उसमें अंकुर निकल आते हैं और पौधे तेजी से विकसित होते हैं. कंद को मिट्टी में लगभग 2 से 3 इंच गहराई पर लगाए और ऊपर से हल्का पानी दें. अगर बड़े कंद लगाए जा रहे हैं, तो एक पौधे और दूसरे पौधे के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि पौधे को बढ़ाने में परेशानी न हो. 

नमी और धूप का रखें खास ध्यान 

अरबी नमी पसंद करने वाला पौधा है, इसलिए इसकी मिट्टी को लगातार हल्का नम बनाए रखना चाहिए. हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ों में सड़न हो सकती है. बारिश के मौसम में ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अगर कई दिनों तक बारिश न हो तो नियमित रूप से पानी देना चाहिए. वहीं अरबी के पौधों को ऐसी जगह पर रखना चाहिए, जहां उसे सुबह की हल्की धूप मिले और दोपहर की तेज धूप से बचाव हो सके. बहुत ज्यादा गर्म धूप पत्तों को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए बगीचे में ऐसी जगह चुनना सही रहता है, जहां छाया हो. 

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कब तोड़ सकते हैं पत्ते और कब मिलेगी अरबी?

रोपाई के लगभग दो से तीन महीने बाद पौधे पर बड़े और हरे पत्ते आने लगते हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि एक बार में सभी पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, क्योंकि इससे पौधा कमजोर हो सकता है. वहीं कंद पूरी तरह तैयार होने में लगभग चार से पांच महीने का समय लेते हैं, जब पौधे के पत्ते पीले पड़ने लगे और सूखने लगे तब मिट्टी को सावधानी से हटकर अरबी निकल जा सकती है.

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