अनार एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि अनार का पौधा झाड़ीदार होता है, इसलिए इसे उगाने के लिए बहुत ज्यादा जगह की जरूरत नहीं पड़ती. अगर आपके घर में बड़ा बगीचा नहीं है, तब भी आप इसे छत, बालकनी या आंगन में गमले के अंदर आसानी से उगा सकते हैं. बस जरूरी है तो जरा सी सही जानकारी और थोड़ी सी देखभाल से आप घर बैठे ही ताजे और बिना मिलावट वाले अनार खा सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी. 

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कैसी होनी चाहिए मिट्टी?

अनार का पौधा लगाने से पहले सही मिट्टी तैयार करना सबसे जरूरी काम है. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में गोबर की खाद और बालू को बराबर मात्रा में मिला लें. अगर आप चाहें तो मिट्टी में जैविक खाद के साथ कोकोपीट भी मिला सकते हैं, इससे मिट्टी हल्की और पानी निकासी वाली बन जाती है. ध्यान रहे कि अनार की जड़ें काफी गहरी और फैलने वाली होती हैं, इसलिए मिट्टी भरने के लिए कम से कम 24 इंच चौड़ा और 24 इंच गहरा गमला या ग्रो बैग लें, जिसमें नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हों.

मिट्टी तैयार करने के बाद नर्सरी से लाया गया स्वस्थ पौधा गमले के बीच में लगाएं और हल्के हाथों से मिट्टी दबा दें. अनार के पौधे को अच्छी बढ़वार के लिए भरपूर धूप की जरूरत होती है, इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिन में कम से कम 6 घंटे धूप आती हो. अनार गर्म जलवायु में सबसे अच्छा बढ़ता है, इसलिए इसे छत या खुली बालकनी में रखना बेहतर रहता है. अगर आप इसे जमीन में लगा रहे हैं, तो ऐसी जगह चुनें जहां भरपूर धूप आती हो और बारिश का पानी जमा न होता हो. इसके लिए एक गड्ढा खोदकर उसमें अच्छी मिट्टी और खाद भरें, फिर पौधा लगाकर हल्के हाथों से दबा दें.

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पानी और खाद का सही तरीका

पौधा लगाने के बाद उसे रोज एक बार पानी दें, लेकिन ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो, वरना जड़ें खराब हो सकती हैं. महीने में एक या दो बार घर की बनी खाद या गाय के गोबर जैसी जैविक खाद डालना पौधे के लिए फायदेमंद रहता है, इससे पौधे को जरूरी पोषण मिलता रहता है. कई गार्डनिंग एक्सपर्ट रसोई के कचरे से भी घर पर ही खाद बनाने की सलाह देते हैं, जिससे पौधे को प्राकृतिक तरीके से पोषण मिलता है. समय-समय पर पौधे की सूखी पत्तियां और टहनियां काटते रहें, इससे पौधे की बढ़वार अच्छी होती है. सही मिट्टी, भरपूर धूप और नियमित देखभाल के साथ कुछ ही समय में आपका अनार का पौधा फल देने लगेगा.

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