Agriculture Equipment Subsidy: ट्रैक्टर हो, रोटावेटर, थ्रेशर या सीड कम फर्टिलाइजर मशीन, कृषि यंत्र खरीदना हमेशा से किसानों की जेब पर भारी पड़ता आया है. लेकिन अगर आप बिना पूरी जानकारी के सीधे बाजार पहुंच जाते हैं तो हो सकता है आप हजारों की सब्सिडी हाथ से गंवा दें. वजह सिर्फ एक, केंद्र सरकार के एक पोर्टल के बारे में जानकारी न होना.

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अब बात सीधे काम की करते हैं. केंद्र सरकार ने कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी को पारदर्शी बनाने के लिए agrimachinery.nic.in नाम का पोर्टल शुरू किया है, जिसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर इन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन के तहत चलाया जाता है. मतलब साफ है, आवेदन से लेकर सब्सिडी की रकम खाते में आने तक, पूरा प्रोसेस ऑनलाइन और सीधा.

पोर्टल पर मिलेंगी चार अलग-अलग कैटेगरी

इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करते ही किसान के सामने चार कैटेगरी खुलती हैं, जिनमें से अपनी जरूरत के हिसाब से कैटेगरी चुनकर आवेदन किया जा सकता है. कई राज्यों में यह सुविधा पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलती है, जबकि कहीं-कहीं टोकन या लॉटरी सिस्टम भी अपनाया जाता है. यानी समय पर आवेदन करना यहां सबसे ज्यादा मायने रखता है.

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किस किसान को कितनी मिलेगी सब्सिडी

सब्सिडी की रकम भी हर किसान के लिए एक जैसी नहीं होती. आमतौर पर 40 से 80 फीसदी तक अनुदान मिलता है, लेकिन SC/ST वर्ग, महिला किसानों और छोटे व सीमांत किसानों को बड़ी राहत के तौर पर ज्यादा प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है. अगर किसानों का कोई समूह या FPO मिलकर कस्टम हायरिंग सेंटर या फार्म मशीनरी बैंक खोलना चाहे, तो वहां सब्सिडी 80 फीसदी तक भी पहुंच जाती है.

आवेदन से लेकर पूरा प्रोसेस

प्रोसेस भी उतना ही सीधा रखा गया है. पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, फिर मशीन की खरीद सिर्फ सरकार से अधिकृत डीलर से, इसके बाद बिल और फोटो अपलोड करना जरूरी है. आखिर में कृषि अधिकारी मौके पर आकर मशीन की जांच करते हैं और वेरिफिकेशन पूरा होते ही सब्सिडी की रकम सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है.

राज्य के अपने पोर्टल भी हैं, पहले यह जांच लें

ध्यान रहे, अलग-अलग राज्यों के अपने भी पोर्टल हैं, जैसे उत्तर प्रदेश के लिए upagriculture.com या मध्य प्रदेश के लिए mpkrishi.mp.gov.in. इसलिए सबसे पहले यह जांच लें कि आपके राज्य में सब्सिडी केंद्रीय पोर्टल से मिल रही है या राज्य के अपने पोर्टल से, वरना आवेदन गलत जगह हो सकता है और मौका हाथ से निकल सकता है. बात सीधी है, कृषि यंत्र खरीदने से पहले अगर पांच मिनट इस पोर्टल पर बिता लिए जाएं, तो हजारों रुपये की बचत पक्की है.

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