Cow Dung Online Business: गांवों में गोबर के उपलों को अक्सर रास्तों और सड़कों के किनारे पड़ा हुआ बेकार सामान समझा जाता है, लेकिन शहरों में इसी उपले की मांग तेजी से बढ़ रही है. पूजा पाठ, हवन और जैविक खाद जैसे कामों में इस्तेमाल होने वाले उपलों को अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेचकर किसान और ग्रामीण परिवार अच्छी कमाई कर रहे हैं. आइए जानते हैं गोबर के उपलों को ऑनलाइन बेचने का तरीका क्या है, और इससे कितनी कमाई हो सकती है.

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उपलों की मांग क्यों बढ़ रही है?

गांव में जो उपले आसानी से मुफ्त में मिल जाते हैं, शहर में उन्हें खरीदने के लिए लोगों को काफी भटकना पड़ता है. यही वजह है कि शहरी इलाकों में उपलों की मांग लगातार बनी रहती है, खासकर पूजा पाठ, हवन यज्ञ और होली जैसे त्योहारों के मौके पर इसकी खरीद में तेजी देखी जाती है.

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कितने में बिकते हैं गोबर के उपले?

बाजार में गोबर के उपलों की कीमत 100 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक जाती है, जो क्वालिटी, साइज और इस्तेमाल के हिसाब से अलग अलग होती है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर देसी गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक और पर्यावरण के अनुकूल बताए गए उपलों की खास डिमांड रहती है, जिन्हें पूजा और हवन के लिए खरीदा जाता है.

अमेजन और फ्लिपकार्ट पर कैसे बेचें उपले?

गोबर के उपलों को ऑनलाइन बेचने के लिए सबसे पहले अमेजन या फ्लिपकार्ट पर सेलर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके लिए जरूरी दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी देकर अपनी सेलर प्रोफाइल बनानी पड़ती है, इसके बाद उपलों की तस्वीरें और सही जानकारी के साथ लिस्टिंग बनाई जा सकती है, जिसके बाद ऑर्डर आने पर सीधे ग्राहकों तक डिलीवरी की जाती है.

छोटे पैमाने पर भी शुरू हो सकता है यह बिजनेस

यह बिजनेस बड़े निवेश की मांग नहीं करता, इसीलिए गांव में रहने वाली महिलाएं और किसान भी इसे आसानी से शुरू कर सकते हैं. गाय भैंस के गोबर से घर पर ही उपले बनाकर, उन्हें सुखाकर पैकेजिंग के साथ ऑनलाइन बेचा जा सकता है, जिससे बिना किसी बड़ी मशीनरी के भी नियमित कमाई का ज़रिया बन जाता है.

दूसरे कामों में भी होता है इस्तेमाल

गोबर के उपले सिर्फ धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, इनका इस्तेमाल जैविक खाद बनाने, गमलों में पौधे उगाने और परंपरागत ईंधन के तौर पर भी किया जाता है. यही वजह है कि शहरी बागवानी और ऑर्गेनिक खेती करने वाले लोग भी इसे ऑनलाइन खरीदना पसंद करते हैं.

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