Water Pump For 2 Acre Farm: खेती में सिंचाई सबसे बड़ी जरूरत मानी जाती है और सही सिंचाई का चुनाव फसल की पैदावार पर सीधा असर डालता है, लेकिन अक्सर किसानों के मन में यह सवाल उलझा रहता है कि उनके खेत के हिसाब से कितने हॉर्स पावर का पंप सही रहेगा. खासकर छोटे और सीमांत जोत वाले किसानों के लिए यह फैसला और भी बड़ा हो जाता है, क्योंकि गलत पंप चुनने पर न सिर्फ पैसा बर्बाद होता है, बल्कि सिंचाई ठीक से नहीं हो पाती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि दो एकड़ खेत के लिए कितने हॉर्स पावर के वाटर पंप की जरूरत होती है. 

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2 एकड़ खेत के लिए कितना एचपी का पंप पर्याप्त 

आमतौर पर 2 हॉर्स पावर का पंप रोजाना करीब 80 से 1000 लीटर पानी दे सकता है, जो ड्रिप सिंचाई की मदद से लगभग 2 से 3 एकड़ खेत के लिए पर्याप्त माना जाता है. यह क्षमता कपास, मक्का और बागवानी जैसे फसलों के लिए उपयुक्त बताई जाती है. हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि जरूरत से एक क्लास ऊंचा एचपी का पंप लेना बेहतर रहता है. ताकि गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ी हुई मांग के समय भी सिंचाई में दिक्कत ना हो. इसमें लागत पहले थोड़ी ज्यादा लग जाए, लेकिन यह एक सीजन के पानी के संकट से कहीं बेहतर ऑप्शन होता है.

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पंप की क्षमता तय करने वाले फैक्टर 

किसी भी पंप से कितने एकड़ की सिंचाई हो सकेगी, यह सिर्फ उसकी हॉर्स पावर पर निर्भर नहीं करता. इसमें कई और चीजों की भी भूमिका होती है, जैसे पंप का प्रकार, सिंचाई की विधि, पानी का सोर्स और जमीन की ऊंचाई  निचाई.  सेंट्रीफ्यूगल पंप कम गहराई के जल सोर्स के लिए बेहतर माने जाते हैं, लेकिन ऊंचाई बढ़ने पर इनकी क्षमता घटने लगती है. वहीं सबमर्सिबल पंप गहरे बोरवेल और ऊंचाई  वाली जमीन के लिए उपयुक्त होते हैं और यह प्रति हॉर्स पावर ज्यादा सिंचाई कर सकते हैं. 

सिंचाई की विधि से भी पड़ता है फर्क 

एक ही क्षमता के पंप से अलग-अलग सिंचाई तकनीकों में अलग-अलग क्षेत्रफल की सिंचाई हो पाती है. ड्रिप सिंचाई में पानी की खपत धीमी और नियंत्रित तरीके से होती है. इसलिए इसे ज्यादा क्षेत्र कवर हो जाता है. स्प्रिंकलर विधि में पानी तेजी से, लेकिन थोड़े कम क्षेत्र में फैलता है, जबकि परंपरागत फ्लड सिंचाई में पानी की खपत सबसे ज्यादा होती है और कवरेज क्षेत्र सबसे कम रहता है. यही वजह है कि सिर्फ पंप की एचपी देखकर फैसला लेना सही नहीं होता, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि खेत में सिंचाई किस तरीके से की जा रही है 

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छोटे किसानों को पंपों पर मिलती है सब्सिडी 

केंद्र सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत सौर सिंचाई पंपों पर सब्सिडी देती है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करीब 60 प्रतिशत लागत वहन करती है और बाकी 40  प्रतिशत हिस्सा किसान को खुद देना होता है. लेकिन कई छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह 40 प्रतिशत हिस्सा भी जुटाना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि पंप की कुल लागत लाखों रुपये तक पहुंच जाती है. यही कारण है कि एक्सपर्ट्स कम क्षमता वाले यानी 1 से 2 एचपी तक के छोटे और सस्ते पंपों पर भी ज्यादा ध्यान देने की सलाह देते हैं, ताकि छोटी जोत वाले किसान भी सुविधा का लाभ उठा सके.

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