पशुपालन करने वाले किसानों के लिए हरे चारे की कमी हमेशा एक बड़ी चुनौती रहती है, लेकिन रिजका की खेती इस समस्या का बेहतरीन समाधान बन सकती है. लूसर्न के नाम से भी जानी जाने वाली इस फसल को चारा फसलों की रानी कहा जाता है, क्योंकि यह न सिर्फ पौष्टिक चारा देती है, बल्कि किसानों के लिए कमाई का जरिया भी बनती है. आइए जानते हैं रिजका की खेती कैसे की जाती है, और इससे किसान कितनी कमाई कर सकते हैं.

Continues below advertisement

कब और कैसे करें बुवाई?

रिजका की बुवाई का सही समय अक्टूबर से दिसंबर के पहले हफ्ते तक माना जाता है. लाइन में बुवाई करने पर प्रति हेक्टेयर 12 से 15 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है, जबकि छिड़काव से बुवाई करने पर 20 से 25 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर इस्तेमाल किया जाता है. यह फसल अच्छा पानी निकासी वाली पैदावार और सामान्य पीएच वाली मिट्टी में सबसे बेहतर उगती है, और अम्लीय मिट्टी में चूना मिलाकर भी इसे उगाया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: क्या गाय पहचानती है अपना नाम, क्या कहते हैं एक्सपर्ट? 

Continues below advertisement

कम तापमान में भी उग जाती है यह फसल

रिजका कम तापमान में भी अच्छी तरह विकसित हो जाती है. बरसीम के मुकाबले यह लंबे समय तक हरा चारा देती रहती है, यही वजह है कि किसान इसे बरसीम का बेहतर विकल्प मानते हैं.

साल में कई बार होती है कटाई

रिजका की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक बार बोने के बाद साल में 8 से 10 बार तक काटा जा सकता है. इससे प्रति हेक्टेयर 80 से 120 टन हरा चारा और 18 से 20 टन सूखा चारा मिल जाता है. खास बात यह है कि यह फसल एक बार बोने के बाद लगातार तीन साल तक कटाई देती रहती है, जिससे किसानों को बार-बार बुवाई की मेहनत और खर्च से राहत मिलती है.

कितनी होती है लागत और कमाई?

रिजका की खेती में प्रति बीघा लागत करीब 8,000 से 12,000 रुपये आती है, जिसमें बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी का खर्च शामिल है. एक बीघा से मिलने वाला 20 से 25 टन चारा 300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने पर 60,000 से 75,000 रुपये तक की कमाई हो सकती है. अगर किसान इस चारे को अपने ही पशुओं को खिलाएं, तो चारा खरीदने में लगने वाला 30,000 से 50,000 रुपये का खर्च भी बच जाता है.

दूध बढ़ाने में भी मददगार

रिजका में प्रोटीन की मात्रा करीब 15 प्रतिशत तक होती है, जो पशुओं की सेहत और दूध दोनों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. अगर 10 गायों को रिजका खिलाया जाए और हर गाय का दूध औसतन 2 लीटर बढ़ जाए, तो 40 रुपये प्रति लीटर के भाव से हर महीने करीब 24,000 रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है. इस तरह छोटे स्तर पर भी किसान सालाना 1 से 1.5 लाख रुपये तक कमा सकते हैं, वहीं 2-3 बीघा में बड़े स्तर पर खेती करने पर यह मुनाफा 3-4 लाख रुपये तक भी पहुंच सकता है.

यह भी पढ़ें: 35 रुपये किलो प्याज बेच रहा NAFED, कैसे खरीद सकते हैं आप?