आजकल मंडियों में मिलने वाली ज्यादातर हरी सब्जियों में धड़ल्ले से केमिकल और कीटनाशकों का इस्तेमाल हो रहा है. कद्दू जैसी पौष्टिक सब्जी को भी बड़ा और चमकदार बनाने के लिए लोग जहरीले इंजेक्शन और केमिकल्स का सहारा रहे हैं. ऐसे में अगर आप अपने परिवार को शुद्ध और केमिकल फ्री ऑर्गेनिक सब्जी खिलाना चाहते हैं. तो बाजार से महंगी और मिलावटी सब्जियां खरीदना बंद करें. 

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कद्दू को अपने घर के किचन गार्डन में उगाना बेहद आसान है. इसके लिए आपको किसी बड़े खर्च की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती. बस एक बड़े गमले, अच्छी उपजाऊ मिट्टी और थोड़ी सी धूप की मदद से आप घर बैठे ताजे और हरे-भरे कद्दू की बंपर पैदावार ले सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि घर पर बिना किसी झंझट के कद्दू कैसे उगा सकते हैं और अपनी छत को एक खूबसूरत हरी-भरी बगिया में बदल सकते हैं.

सही गमला मिट्टी और बीज लगाने का तरीका

घर पर कद्दू उगाने के लिए सबसे पहले सही साइज का गमला चुनना बहुत जरूरी है. चूंकि कद्दू की जड़ें तेजी से फैलती हैं. इसलिए कम से कम 18 से 24 इंच चौड़ा और गहरा गमला लें. जिसमें नीचे पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर हो. गमले के लिए 50% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की पुरानी सड़ी खाद और 20% कोकोपीट मिलाकर एक हल्का और भुरभुरा पॉटिंग मिक्स तैयार करें. 

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अब किसी अच्छी नर्सरी से कद्दू के उन्नत हाइब्रिड आप चाहे तो देसी बीज भी ला सकते हैं. गमले की मिट्टी में करीब 1 से 2 इंच की गहराई पर 2 से 3 बीज दबाएं और ऊपर से हल्का पानी छिड़क दें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिन भर में कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप आती हो. लगभग 6 से 8 दिनों के भीतर बीज से सुंदर हरे पौधे अंकुरित होकर बाहर निकल आएंगे.

बेल को सहारा दें

कद्दू एक बेल वाली फसल है इसलिए जैसे ही पौधा 1 से 1.5 फीट का हो जाए. उसे किसी मजबूत बांस की लकड़ी, रस्सी या जाली का सहारा देकर ऊपर की तरफ चढ़ाएं. छत या बालकनी की रेलिंग पर बेल को चढ़ाने से उसे फैलने के लिए पूरी खुली हवा और धूप मिलती है. पानी देते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहे, लेकिन गमले में पानी रुकना या कीचड़ नहीं बनना चाहिए. 

ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और फूल गिर सकते हैं. करीब 35 से 40 दिनों के बाद बेल पर सुंदर पीले फूल खिलना शुरू हो जाते हैं. कद्दू की बेल पर नर और मादा दो तरह के फूल आते हैं. अगर आपकी बालकनी में तितलियां या मधुमक्खियां कम आती हैं, तो हाथ से नर फूल के पराग को मादा फूल के बीच में हल्का सा छूकर हैंड-पॉलिनेशन कर दें जिससे हर फूल फल में बदल जाएगा.

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ऑर्गेनिक खाद से दें पोषण 

घर पर पूरी तरह ऑर्गेनिक और केमिकल फ्री कद्दू पाने के लिए बाजार से केमिकल खाद का इस्तेमाल न करें. हर 15 से 20 दिन में पौधे की जड़ों के पास हल्की गुड़ाई करके 2 मुट्ठी नीम की खली आप घर पर बनी केले के छिलके और सरसों की खली की लिक्विड खाद भी डाल सकते हैं. यह ऑर्गेनिक पोषण बेल को तेजी से फल बनाने में मदद करता है. 

कीटों या फंगस से बेल को सुरक्षित रखने के लिए हर 10 दिन में नीम के तेल और हल्के साबुन के पानी का घोल बनाकर पत्तों पर स्प्रे करें. फूल आने के लगभग 20 से 25 दिनों के भीतर छोटे-छोटे कद्दू बड़े होकर पूरी तरह तैयार हो जाएंगे. 

जब कद्दू का छिलका हल्का कड़ा और चमकदार हरा दिखने लगे तब तेज चाकू से डंठल के पास से काटकर उसकी ताजा हार्वेस्टिंग कर लें. अपने हाथों से उगाए ताजे ऑर्गेनिक कद्दू का स्वाद और मिठास बाजार की किसी भी सब्जी से कहीं ज्यादा लाजवाब होगी.

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