Lady Finger In Kitchen Garden: भिंडी की सब्जी कई लोगों को खाने में बहुत पसंद होती है. वहीं अगर इस सब्जी को खरीदने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत न पड़े तो कहने ही क्या. अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें अपने हाथ की उगाई हुई सब्जियां खाने का शौक है. तो भिंडी लगाना आपके लिए एकदम सही चॉइस है.
बहुत से लोग सोचते हैं कि किचन गार्डनिंग में बहुत मुश्किलें होती हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. थोड़ी सी सही जानकारी और सही तरीकों से आप अपने गमलों या क्यारियों में इतनी भिंडी उगा सकते हैं कि पड़ोसी भी देखते रह जाएंगे. तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप अपने किचन गार्डन में एकदम आसान तरीके से भिंडी उगा सकते हैं.
सही मिट्टी और सही गमलें जरूरी
सबसे पहले बात करते हैं बेस यानी मिट्टी की क्योंकि यहीं से खेल शुरू होता है. भिंडी को एकदम चिकनी और बहुत ज्यादा गीली मिट्टी बिल्कुल पसंद नहीं है. इसके लिए आपको चाहिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी जिसमें पानी रुकता न हो बस नमी बनी रहे.
- मिक्सचर कैसे बनाएं: 50% नॉर्मल गार्डन की मिट्टी लें उसमें 30% पुरानी गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाएं और बाकी का 20% हिस्सा रेत यानी कोकोपीट का रखें जिससे मिट्टी हल्की रहे.
- गमला या क्यारी: अगर आप जमीन पर लगा रहे हैं तो क्यारियां बना लें और अगर बालकनी या छत पर उगा रहे हैं. तो कम से कम 12 से 15 इंच चौड़े और गहरे गमले या ग्रो बैग्स का इस्तेमाल करें. याद रखें, गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि फालतू पानी आसानी से निकल सके.
बीज बोने का सही तरीका और समय
भिंडी उगाने में दूसरा सबसे बड़ा स्टेप है इसके बीजों का चुनाव और उन्हें लगाने का सही तरीका. हमेशा किसी अच्छी दुकान से हाइब्रिड या देसी किस्म के बीज ही खरीदें.
- सीड ट्रीटमेंट: सीधे मिट्टी में बीज गाड़ने से पहले उन्हें रातभर लगभग 12 से 14 घंटे पानी में भिगोकर रख दें. इससे बीज जल्दी एक्टिव हो जाते हैं और जर्मिनेशन रेट बढ़ जाता है.
- बुआई का वक्त: भिंडी को गर्मी और हल्की उमस बहुत पसंद है. फरवरी-मार्च का महीना या फिर बरसात का सीजन इसके लिए एकदम बेस्ट होता है.
- गहराई: बीजों को मिट्टी में लगभग आधा से एक इंच की गहराई पर दबाएं. दो बीजों के बीच में कम से कम 4 से 6 इंच की दूरी जरूर रखें जिससे पौधों को फैलने की पूरी जगह मिल सके.
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इन चीजों का रखें ध्यान
एक बार जब छोटे-छोटे पौधे बाहर झांकने लगें, तो उनकी सही देखभाल बहुत जरूरी हो जाती है. भिंडी के पौधे को धूप का बड़ा शौक होता है, इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां कम से कम 5 से 6 घंटे की कड़क धूप मिलती रहे.
- सिंचाई: जब बीज बोएं तो हल्का पानी दें. बड़े होने पर मिट्टी की ऊपर की परत सूखने पर ही दोबारा पानी डालें. ध्यान रहे, गमले में पानी भरना नहीं चाहिए वरना जड़ें सड़ सकती हैं.
- फर्टिलाइजर: पौधे की ग्रोथ बढ़ाने के लिए हर 15 से 20 दिन में थोड़ी सी वर्मीकम्पोस्ट या लिक्विड नीम खली देते रहें. जब पौधे पर फूल आने लगें, तो समझ लीजिए कि अब इसे थोड़े एक्स्ट्रा न्यूट्रिशंस की जरूरत है.
कीटों से बचाव और हार्वेस्टिंग
कीड़े-मकौड़े और मिलीबग अक्सर भिंडी के पत्तों पर हमला कर देते हैं. जिससे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. इनसे डरने की जरूरत नहीं है बस थोड़ा सा प्रिवेंशन रखना है. अगर पत्तों पर कीड़े दिखें, तो नीम के तेल का स्प्रे हफ्ते में एक बार जरूर करें. यह पौधों को सेफ रखता है.
बीज बोने के करीब 50 से 60 दिन बाद पौधे पर भिंडी आनी शुरू हो जाती है. जब भिंडी उंगली जितनी लंबी और एकदम सॉफ्ट हो, तभी उसे कैंची या हाथ से तोड़ लें. ज्यादा दिन पौधे पर छोड़ने से भिंडी सख्त हो जाती है और पौधे की एनर्जी भी वेस्ट होती है. समय पर तोड़ने से पौधे में और नई शाखाएं निकलती हैं और बंपर पैदावार मिलती है.
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