Gobar Gas Plant: अगर आपके घर में गाय-भैंस हैं, तो रोज निकलने वाला गोबर सिर्फ खाद बनाने के ही नहीं, बल्कि रसोई के खर्च को बचाने के भी मददगार साबित हो सकता है. गोबर से बायोगैस बनाकर खाना पकाया जा सकता है और प्लांट से निकलने वाली बची हुई खाद खेतों में इस्तेमाल की जा सकती है. यानी एक ही चीज से दो फायदे मिल सकते हैं. 

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गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए ऐसी जगह चुनें, जहां रोज गोबर और पानी आसानी से पहुंचाया जा सके. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय  के अनुसार, छोटे प्लांट के लिए करीब 50 से 60 वर्ग मीटर जगह की जरूरत पड़ सकती है. इसके साथ पशुओं के गोबर और पानी की नियमित उपलब्धता भी जरूरी है. प्लांट की क्षमता तय करते समय यह जरूर देखें कि आपके घर में रोज कितना गोबर निकलता है और रसोई में कितनी गैस की जरूरत होती है. 

कैसे काम करता है गोबर गैस प्लांट?

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गोबर गैस प्लांट में सबसे पहले गोबर और पानी को मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. फिर इस घोल को एक टैंक में डाल दिया जाता है. टैंक के अंदर हवा नहीं पहुंचती, जिससे गोबर धीरे-धीरे सड़ने लगता है और गैस बनने लगती है. इस गैस को पाइप के जरिए रसोई तक पहुंचाया जाता है, जिससे खाना पकाया जा सकता है. वहीं, टैंक से बाहर निकलने वाले बचे हुए घोल को खेत में खाद के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.

सरकार से कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिल सकती है. कितनी सब्सिडी मिलेगी, यह प्लांट के आकार, रोजाना कितनी गैस बनेगी और आप किस श्रेणी में आते हैं, इस पर निर्भर करता है. छोटे घरेलू प्लांट से लेकर बड़े प्लांट लगाने तक के लिए सरकारी मदद का प्रावधान रहा है.

प्लांट की क्षमतासहायता
1 घन मीटरप्रतिदिन 9,800 रुपये
2-4 घन मीटरप्रतिदिन 14,350 रुपये
6 घन मीटरप्रतिदिन 22,750 रुपये
8-10 घन मीटरप्रतिदिन 23,000 रुपये
15 घन मीटरप्रतिदिन 37,950 रुपये
20-25 घन मीटरप्रतिदिन 52,800 रुपये

सोर्स: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (विशेष राज्यों और अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों के लिए अलग दरें निर्धारित हैं.)

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आवेदन कहां करना होगा?

  • केंद्र सरकार के आधिकारिक गोबर गैस पोर्टल biogas.mnre.gov.in पर जाएं 
  • छोटे प्लांट के लिए ऑनलाइन आवेदन की जानकारी देखें.
  • प्लांट लगाने से पहले अपने राज्य में चालू योजना, उपलब्ध लक्ष्य और सब्सिडी की पुष्टि जरूर करें.

आवेदन कैसे करें?

अगर आप गोबर गैस प्लांट लगाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार के बायोगैस पोर्टल पर जाकर जानकारी ले सकते हैं. प्लांट लगाने से पहले यह देख लें कि आपके पास पर्याप्त जगह, गोबर और पानी है या नहीं. साथ ही, प्लांट लगाने में कितना खर्च आएगा, इसका भी हिसाब लगा लें. प्लांट किसी ऐसे व्यक्ति से ही लगवाएं, जिसे इसे लगाने का अनुभव हो. इससे गैस की पाइप और टैंक सही तरीके से लगेंगे और हादसे का खतरा कम होगा. प्लांट की सही देखभाल करने से रसोई गैस पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है.

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