Gerbera Cultivation Tips: खेती-किसानी में अब ट्रेडिशनल फसलों के मुकाबले कमर्शियल फ्लोरीकल्चर यानी फूलों की खेती का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है. किसान अब ऐसी फसलों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं जो कम जमीन में साल भर बंपर मुनाफा दे सकें. इसके लिए अब जरबेरा के फूलों की खेती एक बेहतरीन और बेहद डिमांडिंग ऑप्शन बनकर उभरी है. 

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शादियों, पार्टियों, होम डेकोरेशन और बड़े इवेंट्स में इन खूबसूरत रंग-बिरंगे फूलों की मांग हमेशा आसमान पर रहती है. सबसे अच्छी बात यह है कि केंद्र और राज्य सरकारें भी इस खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मोटी सब्सिडी दे रही हैं. अगर आप भी कम रिस्क में एक परमानेंट और मोटी इनकम वाला बिजनेस शुरू करना चाहते हैं. तो जरबेरा की खेती आपकी किस्मत पूरी तरह बदल सकती है.

जरबेरा उगाने का सही तरीका 

जरबेरा की खेती खुले खेत के बजाय पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस के कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में की जाती है जिससे फूलों की क्वालिटी एकदम इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की मिले. इसके लिए सबसे पहले आपको अपने खेत में एक एकड़ या आधा एकड़ का पॉलीहाउस सेटअप करना होगा. जिसमें तापमान और नमी को मेंटेन करने के लिए फॉगर्स और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया जाता है. 

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मिट्टी की बात करें तो इसके लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी सबसे बेस्ट मानी जाती है. जिसका पीएच लेवल 5.5 से 6.5 के बीच होना चाहिए. बेड बनाकर टिशू कल्चर से तैयार जरबेरा के एडवांस पौधों की रोपाई की जाती है. एक बार पौधे लगाने के बाद करीब तीन महीने में फूल आने शुरू हो जाते हैं और यह पौधा लगातार दो से तीन साल तक बंपर प्रोडक्शन देता रहता है.

लाखों की कमाई का हिसाब

कमाई के लिहाज से देखें तो एक एकड़ के पॉलीहाउस से साल भर में लगभग 1.5 से 2 लाख तक प्रीमियम क्वालिटी के फूल आसानी से मिल जाते हैं. मार्केट में जरबेरा का एक सिंगल फूल सीजन के हिसाब से 5 रुपये से लेकर 15 रुपये तक में आराम से बिक जाता है. सारा खर्च और मेंटेनेंस निकालने के बाद भी एक किसान इस फूलों की खेती से हर महीने आसानी से 1.5 से 2 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकता है.

सरकार से मिलने वाली सब्सिडी

इस फूल की खेती में पूरा खर्च खुद नहीं उठाना पड़ता. सरकारी की ओर से भी इसके लिए आर्थिक मदद दी जाती है. एक एकड़ में जरबेरा का पॉलीहाउस सेटअप करने और पौधे लगाने में जो भी शुरुआती खर्च आता है. उस पर राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) के तहत सरकार किसानों को 50 परसेंट तक की बंपर सब्सिडी देती है. 

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