Rose Plant Tips: बारिश का मौसम आते ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है और मौसम एकदम सुहावना हो जाता है. यह मौसम फूल-पौधों के लिए काफी अच्छा रहता है. बहुत से लोगों को अपने घर में रंग-बिरंगे खुश्बूदार फूल उगाने का शौक रखते हैं. जहां बारिश का मौसम बाकी फूलों के लिए सही होता है. वहीं यह मौसम आपके बगीचे के सबसे खूबसूरत फूल यानी गुलाब के लिए थोड़ा खतरनाक भी साबित हो सकता है मानसून की लगातार होने वाली बारिश और हवा में नमी की वजह से गुलाब के पौधे में फंगस, कीड़े और जड़ सड़ने की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है. 

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अक्सर लोग सोचते हैं कि बारिश का पानी तो पौधों के लिए वरदान है. फिर उनका गुलाब का पौधा काला पड़कर क्यों सूखने लगता है आपको बता दें मानसून में गुलाब को थोड़ी एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. अगर आप वक्त रहते कुछ सही गार्डनिंग टिप्स अपना लें तो आपका गुलाब बारिश भर न सिर्फ लहलहाता रहेगा. बल्कि उसमें ढेरों कलियां भी खिलेंगी. तो चलिए आपको बताते हैं कि इस मानसून में अपने गुलाब के पौधे को एकदम हरा-भरा कैसे रखा जाए.

इन बातों का रखें ध्यान

मानसून में गुलाब के पौधे के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इसमें सबसे पहले उसे सड़ने से बचाना जरूरी है और इसके लिए सबसे पहला कदम है प्रॉपर ड्रेनेज. बारिश के दिनों में गमले में पानी बिल्कुल भी रुकना नहीं चाहिए, क्योंकि ठहरा हुआ पानी जड़ों को सड़ा देता है. सबसे पहले गमले के ड्रेनेज होल को चेक करें कि वह कहीं बंद तो नहीं है. 

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मिट्टी की ऊपरी परत को हल्का सा गोड़कर रखें जिससे हवा का सर्कुलेशन बना रहे. अगर आपका गमला ऐसी जगह रखा है जहां लगातार तेज बारिश का पानी सीधे पड़ता रहता है, तो उसे थोड़ी ढकी हुई जगह पर शिफ्ट कर दें जहां 4-5 घंटे की रोशनी तो मिले, लेकिन लगातार पानी की बौछार से पौधा बचा रहे.

फंगल इंफेक्शन से बचाव और टाइम पर प्रूनिंग

बारिश के मौसम में गुलाब के पौधे को फंगल इंफेक्शन से भी बचाए रखना होता है. इस मौसम में हवा में काफी मॉइस्चर होता है. जिसकी वजह से गुलाब की पत्तियों पर काले धब्बे और सफेदी जैसी फंगल बीमारियां बहुत तेजी से फैलती हैं. इससे बचने के लिए पौधे की सूखी, पीली और बेजान पत्तियों व डालियों की समय-समय पर प्रूनिंग यानी छंटाई करते रहें. जिससे पौधे को अच्छी हवा और धूप मिल सके. 

इसके अलावा हर 10 से 15 दिनों में किसी अच्छे फंगीसाइड का छिड़काव पत्तियों पर जरूर करते रहे. अगर आप केमिकल से बचना चाहते हैं. तो फिर आप एक लीटर पानी में थोड़ा सा साफ पाउडर या हल्दी और नीम का तेल मिलाकर पौधे पर स्प्रे कर सकते हैं. यह देसी जुगाड़ भी कमाल का काम करता है.

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खाद और पानी का एकदम सही मात्रा में

कई लोग मानसून के मौसम में भी पौधों में भर-भरकर पानी डालते रहते हैं. जो कि सबसे बड़ी गलती है. बारिश के दिनों में मिट्टी में पहले से ही नमी होती है, इसलिए गमले में पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी छूने पर सूखी लगे. इसके अलावा अगर बात करें कि पौधे को और क्या चाहिए तो वह है न्यूट्रिशन. मानसून के दौरान बहुत भारी या हैवी खाद देने से बचें. क्योंकि बारिश के पानी में बहकर खाद बेकार हो जाती है इसलिए ऐसा करना फिजूल है. 

इस मौसम में पौधे को मजबूत बनाने के लिए थोड़ी सी गोबर की सूखी खाद या वर्मीकंपोस्ट में नीम की खली मिलाकर दे सकते है. नीम की खली जड़ों में कीड़े लगने से बचाएगी और पौधे को धीरे-धीरे पोषण देकर उसे हरा-भरा रखेगी. अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं तो फिर मानसून के मौसम में भी आपका गुलाब का पौधा एकदम हरा-भरा रहेगा. 

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