Free Soil Testing: फसल की अच्छी पैदावार के लिए खेत की मिट्टी का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है. कई बार किसान भाई खेतों में महंगी खाद और दवाइयां डालते हैं, लेकिन फिर भी फसल अच्छी नहीं होती. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उन्हें पता नहीं होता कि उनकी मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है. इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना चलाती है. इसके तहत किसान मुफ्त में अपने खेत की मिट्टी की जांच करवा सकते हैं. आइए जानते हैं मुफ्त मिट्टी जांच की पूरी प्रक्रिया क्या है. 

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मिट्टी की जांच क्यों है जरुरी

जैसे बीमार होने पर डॉक्टर इंसान के खून की जांच करता है, वैसे ही मिट्टी की जांच से यह पता चलता है कि जमीन में किस चीज की कमी है. इससे किसानों को पता चलता है कि खेत में कितनी यूरिया खाद या डीएपी खाद डालनी चाहिए. इससे किसानों के बेवजह महंगी खाद खरीदने का पैसा बचता है और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है जिससे फसल का उत्पादन ज्यादा होता है. 

मुफ्त में जांच कैसे करवाएं

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कई जगहें तय की हैं जहां मुफ्त या बेहद मामूली फीस पर जांच होती है. हर जिले में एक कृषि विज्ञान केंद्र होता है, जहां मिट्टी की जांच के लिए सरकारी लैब बनी होती है. साथ ही आप अपने ब्लॉक या जिले के कृषि अधिकारी से मिलकर भी मिट्टी का सैंपल जमा कर सकते हैं. अगर आप फिर भी परेशान है तो आप Soil Health Card Portal पर जाकर अपने नजदीकी जांच केंद्र का पता लगा सकते हैं. 

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सेंपल लेने का सही तरीका

मिट्टी की जांच तभी सही होगी, जब खेत से मिट्टी सही तरीके से उठाई जाए. आपको खेत के बीच में से 4 से 5 अलग-अलग जगहों से मिट्टी उठानी है. ध्यान रहे, पेड़ के नीचे, नाली के पास या खाद के ढेर के पास से मिट्टी न उठाए. जहां से मिट्टी लेनी है, वहां पर खुरपी या फावड़े की मदद से V आकार का करीब 6 इंच गहरा गड्ढा बनाएं. फिर गड्ढे की परत के ऊपर से नीचे तक एक सेंटीमीटर मोटी मिट्टी की परत काट कर निकाल लें.

सभी जगहों की मिट्टी को एक प्लास्टिक के टब में मिलाकर अच्छी तरह साफ कर लें ताकि कंकड़-पत्थर बाहर निकल जाएं. फिर इसे छांव में सुखा लें. करीब आधा किलो मिट्टी एक साफ कपड़े या प्लास्टिक की थैली में डालें. उसके बाद थैली के ऊपर एक कागज की पर्ची चिपकाएं. जिस पर अपना  मोबाइल नंबर, एड्रेस और खेत का खसरा नंबर लिख दें. इस सेंपल को अपने नजदीकी कृषि केन्द्र में जमा कर दें. कुछ दिनों के बाद आपके खेत के मिट्टी की रिपोर्ट आ जाएगी. इससे आपको पता लग जाएगा कि आपके खेत को किस खाद की जरूरत है.

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