Monsoon Farming Field Preparation: मानसून का मौसम किसानों के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. खरीफ फसलों की बुवाई से लेकर धान की नर्सरी तैयार करने तक कई कृषि एक्टिविटी इस समय शुरू होती है. ऐसे में बारिश शुरू होने से पहले खेत की सही तैयारी कर लेना जरूरी है. किसान एक्सपर्ट्स के अनुसार समय रहते कुछ जरूरी काम कर लिए जाए तो न सिर्फ फसल की बेहतर शुरुआत होती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ उत्पादन में भी सुधार देखने को मिलता है. वहीं बारिश के दौरान होने वाले नुकसान से भी काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बारिश से पहले किसानों को खेत में कौन से पांच जरूरी काम कर लेने चाहिए, जिससे उत्पादन बढ़ सकता है.
1. खेत की गहरी जुताई और समतलीकरण
कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार, मानसून से पहले खेतों की गहरी जुताई करना सबसे जरूरी कामों में शामिल है. इस समय तेज धूप, जमीन के अंदर छिपे कीटों और अंडों, रोगजनक तत्वों और खरपतवार के बीजों को नष्ट करने में मदद करती है. जुताई के बाद खेत को कुछ समय खुला छोड़ देना फायदेमंद माना जाता है. इसके साथ ही खेत का समतलीकरण भी कर लेना चाहिए, ताकि बारिश का पानी पूरे खेत में समान रूप से फैलें.
2. खेत की मेड़ मजबूत करें और जल निकासी की व्यवस्था करें
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश का पानी खेत में रुकना भी जरूरी है और एक्स्ट्रा पानी का निकलना भी. इसलिए किसानों को खेत की मेड़ों को मजबूत करना चाहिए, ताकि पानी और उपजाऊ मिट्टी बहकर बाहर न जाए. जहां जलभराव की आशंका हो वहां पहले से नलिया बनाकर जल निकासी की व्यवस्था कर लेनी चाहिए. ज्यादा पानी जमा होने से फसल की जड़ें सड़ सकती हैं.
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3. मिट्टी की जांच कर पोषण प्रबंधन की तैयारी करें
बारिश से पहले मिट्टी की जांच करवाना किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. मिट्टी प्रशिक्षण से यह पता चलता है कि खेत में कौन-कौन से पोषक तत्व की कमी हो और किस प्रकार के उर्वरकों की आवश्यकता होगी. कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद का उपयोग भी करना चाहिए. इससे मिट्टी के संरचना बेहतर होती है और नमी बनाए रखने में मदद मिलती है.
4. धान की नर्सरी और बीजों का चयन
धान की खेती करने वाले किसानों को बारिश से पहले नर्सरी तैयार करने की योजना बना लेनी चाहिए. नर्सरी के लिए ऐसी जगह का चयन करना चाहिए, जहां सिंचाई और जल निकासी दोनों की सुविधा हो. कृषि एक्सपर्ट्स का कहना है कि नर्सरी तैयार करने से पहले खेत की खरपतवार पूरी तरह साफ कर देनी चाहिए. साथ ही मौसम और क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त बीजों का चयन करना भी जरूरी है.
5. फसल को रोगों से बचाने की तैयारी
मानसून के दौरान फफूंद, वायरस और कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ सकता है. कृषि एक्सपर्ट समय-समय पर खेतों की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर जैविक या कीटनाशकों का उपयोग करने की भी सलाह देते हैं.
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