Modern Farming Tips: खेती-किसानी के पुराने ढर्रे को छोड़कर अब वक्त आ गया है स्मार्ट फार्मिंग अपनाने का. आज के दौर में अगर आप सिर्फ गेहूं और धान के भरोसे बैठे रहेंगे. तो बढ़ती लागत और मौसम की मार के बीच बड़ा मुनाफा कमाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. इसीलिए अब बहुत से किसान भाई पारंपरिक फसलों से हटकर ऐसी हाई-वैल्यू फसलों  पर दांव लगा रहे हैं, जिनकी डिमांड मार्केट में सालभर बनी रहती है. 

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चाहे वो औषधीय पौधे हों, विदेशी सब्जियां हों या फिर फूलों की खेती इनमें रिस्क कम और प्रॉफिट मार्जिन बहुत ज्यादा है. बस थोड़ी सी नई तकनीक, सही जानकारी और बाजार की समझ के साथ आप अपनी उसी जमीन से पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा कमाई कर सकते हैं. किसान भाई-बहन जान लें अब कैसे कमाई होगी आसान.

औषधीय और खुशबूदार पौधों की खेती

आजकल आयुर्वेद और हर्बल प्रोडक्ट्स का क्रेज पूरी दुनिया में बढ़ रहा है, इसलिए अश्वगंधा, एलोवेरा, तुलसी और लेमनग्रास जैसी फसलों की मांग आसमान छू रही है. इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें बहुत ज्यादा पानी या खाद की जरूरत नहीं होती और आवारा पशु भी इन्हें नुकसान नहीं पहुंचाते. अगर आपके पास कम उपजाऊ या बंजर जमीन है. तो भी आप वहां इन पौधों को लगाकर लाखों में खेल सकते हैं. सरकार भी अब औषधीय खेती को बढ़ावा देने के लिए भारी सब्सिडी और ट्रेनिंग दे रही है:

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  • लेमनग्रास और मेंथा जैसी फसलों से तेल निकालकर बेचना कच्ची फसल बेचने से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है.
  • अश्वगंधा जैसी फसलें तो महज 4-5 महीने में तैयार होकर आपकी मेहनत का दोगुना दाम वापस दे देती हैं.
  • इन फसलों के लिए बड़ी फार्मा कंपनियां और कॉस्मेटिक ब्रांड्स अक्सर किसानों के साथ डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट भी करते हैं.

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विदेशी सब्जियों और एग्जॉटिक फल

जैसे-जैसे लोगों का लाइफस्टाइल बदल रहा है. शहरों में ब्रोकली, जुकिनी, लाल-पीली शिमला मिर्च और ड्रैगन फ्रूट जैसे सुपरफूड्स की मांग बहुत बढ़ गई है. पारंपरिक सब्जियों के मुकाबले इन एग्जॉटिक वैरायटीज के रेट मंडियों में काफी ऊंचे रहते हैं. 

अगर आप पॉलीहाउस या शेडनेट का इस्तेमाल करते हैं. तो आप बेमौसम भी इन्हें उगाकर ऑफ-सीजन का पूरा फायदा उठा सकते हैं. ड्रैगन फ्रूट जैसी फसल तो एक बार लगाने के बाद सालों तक फल देती है और इसमें मेंटेनेंस का खर्चा भी बहुत कम आता है.

  • ब्रोकली और रंगीन शिमला मिर्च जैसी सब्जियां फाइव-स्टार होटल्स और बड़े मॉल्स में हाथों-हाथ ऊंचे दामों पर बिकती हैं.
  • ड्रैगन फ्रूट कम पानी वाले इलाकों के लिए बेस्ट है और इसकी मार्केटिंग सोशल मीडिया के जरिए भी आसानी से की जा सकती है.
  • सही पैकेजिंग और डायरेक्ट होम-डिलीवरी मॉडल अपनाकर किसान बिचौलियों को खत्म कर अपना पूरा प्रॉफिट खुद रख सकते हैं.

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