Farming Tips: खेती-किसानी में जितनी मेहनत फसल को उगाने में लगती है. उतनी ही उसकी सुरक्षा जरूरी होती है. खेत में लहलहाती फसल हो या गोदाम में रखा अनाज चूहों हर जगह अटैक कर देते हैं. चूहे न सिर्फ खड़ी फसलों की जड़ें काट देते हैं. बल्कि मिट्टी में बिल बनाकर सिंचाई का पानी भी बर्बाद कर देते हैं. 

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इस परेशानी से किसानों को राहत दिलाने के लिए सरकार और कृषि विज्ञान केंद्र कुछ बेहतरीन और असरदार प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. यह सरकारी अप्रूव्ड प्रोडक्ट्स कम खर्च में चूहों का नामोनिशान मिटा देते हैं. चलिए आपको बताते हैं चूहों से फसल बचाने वाले इन 3 सरकारी प्रोडक्ट्स के बारे में और यह भी कि इन्हें आप कहां से खरीद सकते हैं.

चूहों के लिए 3 असरदार सरकारी प्रोडक्ट्स 

फसल को चूहों के हमले से सुरक्षित रखने के लिए तीन सबसे जरूरी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए जाते हैं. पहला है जिंक फास्फाइड, जो कि बेहद असरदार चूहा नाशक पाउडर है. इसे बाजरा, आटा और थोड़े से तेल में मिलाकर जहरीली चुग तैयार की जाती है. दूसरा प्रोडक्ट है ब्रोमाडियोलोन, जो रेडी-टू-यूज केक के रूप में आता है. 

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इसे चूहों के बिलों के पास रखना बहुत आसान होता है. तीसरा ऑप्शन है अल्ट्रासोनिक रॉडेंट रिपैलर, जो एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है. यह ऐसी आवाजें निकालता है जिससे चूहे खेत या गोदाम छोड़कर भाग जाते हैं. ये तीनों ही प्रोडक्ट्स चूहों के आतंक को पूरी तरह रोकने में कारगर साबित होते हैं.

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कहां से होगी खरीद ?

अब बात करते हैं कि यह सरकारी मान्यता प्राप्त प्रोडक्ट्स आपको मिलेंगे कहां. इन प्रोडक्ट्स को आप अपने नजदीकी ब्लॉक के सरकारी कृषि सेवा केंद्र, जिला कृषि कार्यालय, या कृषि विज्ञान केंद्र से आसानी से खरीद सकते हैं. कई राज्यों में कृषि विभाग इन चूहा नाशक दवाइयों पर भारी सब्सिडी भी देता है. 

कैसे करें सही इस्तेमाल?

इन चीजों का इस्तेमाल करते हुए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. बता दें कि जिंक फास्फाइड जैसी दवाइयों का इस्तेमाल करने से पहले खेत में 1-2 दिन बिना जहर वाला दाना डालकर चूहों को खाने की आदत डालें फिर जहरीली चुग रखें. सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इन दवाइयों को हमेशा बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें और हाथों में दस्ताने पहनकर ही बिलों के पास रखें.

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