How To Make Organic Fertilizers: आजकल खेती-किसानी में केमिकल खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह से खेत की उपजाऊ मिट्टी की सेहत पूरी तरह तबाह होने लगती है. इतना ही नहीं इन केमिकल के लगातार इस्तेमाल से उगाई गई फसलें स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो रही हैं. यही सबसे बड़ी वजह है कि आज किसान प्राकृतिक और जैविक यानी ऑर्गेनिक खेती की तरफ अपना कदम बढ़ा रहे हैं.
अगर आप भी अपने खेत की मिट्टी में फिर से पुरानी जैसी जान फूंकना चाहते हैं और बाजार से हर सीजन में मिलने वाली महंगी यूरिया या डीएपी खरीदने की फिजूलखर्ची से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते हैं. तो देसी खाद आपके लिए सबसे बेहतरीन और टिकाऊ ऑप्शन है.
इस खाद को तैयार करने के लिए आपको बाजार जाकर अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ने वाली है. आपके घर, खेत में ही बेकार पड़ी चीजों का सही इस्तेमाल करके आप बाजार की केमिकल वाली खाद से कहीं ज्यादा ताकतवर देसी खाद खुद तैयार कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं ऑर्गेनिक खाद बनाने का पूरा तरीका.
गोबर और सूखे पत्तों से बनाएं ऑर्गेनिक कंपोस्ट खाद
देसी खाद तैयार करने का सबसे पुराना, आजमाया हुआ और भरोसेमंद तरीका गोबर कंपोस्ट खाद है. इसे बनाने के लिए अपने खेत या घर के किसी कोने में एक बड़ा और गहरा गड्ढा खोद लें. अब इस गड्ढे में पशुओं का गोबर, पेड़-पौधों की सूखी पत्तियां, फसलों के बचे हुए अवशेष और अपनी रसोई से निकलने वाला गीला कचरा जैसे फल और सब्जियों के छिलके लगातार डालते रहें. इस तरह के नैचुरल कचरे में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और जिंक जैसे जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व बहुत बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं.
गड्ढे के अंदर हल्की नमी बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसके ऊपर पानी का छिड़काव करना बेहद जरूरी होता है. कचरे को तेजी से सड़ने में मदद मिले, इसके लिए महीने में कम से कम एक या दो बार इसे कुदाली या फावड़े की मदद से ऊपर-नीचे पलट जरूर दें. लगभग 2 से 3 महीने के भीतर यह सारा कचरा अच्छी तरह सड़-गलकर एकदम भुरभुरी, चाय की पत्ती जैसी काली और भरपूर न्यूट्रिएंट्स वाली जैविक खाद में बदल जाएगा. यह खाद मिट्टी में नमी रोकती है और पौधों की जड़ों में नई जान फूंकने का काम करती है.
ऐसे बनाएं केंचुआ खाद यानी वर्मीकंपोस्ट
अगर आप बहुत ही कम समय में सबसे अच्छी क्वालिटी गुणवत्ता वाली खाद चाहते हैं. तो केंचुआ खाद यानी वर्मीकंपोस्ट बनाना आपके लिए सबसे बढ़िया है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले किसी छायादार जगह पर 3 से 4 फीट चौड़ा और अपनी सुविधा अनुसार लंबा एक पक्का या तिरपाल का बेड तैयार कर लें. इस बेड के अंदर करीब 10 से 15 दिन पुराना आधा सड़ा हुआ गोबर, पेड़-पौधों के सूखे पत्ते और थोड़ा पानी मिलाकर अच्छी नमी का माहौल बना लें. इसके बाद इस बेड में केंचुए जैसे आइसिनिया फेटिडा प्रजाति छोड़ दें.
केंचुए इस जैविक कचरे को बड़ी तेजी से खाते हैं और उसे बहुत ही कम समय में बेहद भुरभुरी, महकरहित और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर वर्मीकंपोस्ट में तब्दील कर देते हैं. केंचुआ खाद मिट्टी की पानी सोखने की ताकत को कई गुना बढ़ा देती है और फसलों की जड़ों का फैलाव भी दोगुनी रफ्तार से करती है. इस खाद का इस्तेमाल करने से मिट्टी में लाभदायक मित्र बैक्टीरिया की संख्या काफी बढ़ जाती है. जिससे आपकी फसल बिना किसी केमिकल के बीमारियों से बची रहती है.
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जीवामृत और मटके की जैविक खाद
फसलों की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाने और उन्हें तुरंत पोषण देने के लिए जीवामृत को बहुत ही असरदार तरीका माना जाता है. इसे बनाने के लिए एक 200 लीटर वाले प्लास्टिक ड्रम में पूरा पानी भर लें. अब इसमें लगभग 10 किलो देशी गाय का ताजा गोबर, 10 लीटर गोमूत्र, 2 किलो पुराना गुड़, 2 किलो बेसन चना या दूसरी दाल का आटा और अपने खेत की मेढ़ की एक मुट्ठी मिट्टी डाल दें.
इस पूरे मिश्रण को रोजाना सुबह और शाम लकड़ी के डंडे से अच्छी तरह घुमाएं. सिर्फ 4 से 5 दिनों में आपका जीवामृत बनकर पूरी तरह तैयार हो जाता है, जिसे आप सिंचाई के पानी के साथ सीधे खेत में बहा सकते हैं. इसी तरह आप एक बड़े मिट्टी के मटके में खट्टी छाछ, नीम की पिसी हुई पत्तियां और तांबे का एक पुराना टुकड़ा या तार डालकर 10 से 15 दिनों के लिए छांव में ढककर रख दें.
यह तैयार घोल न केवल आपकी फसलों के लिए एक बेहतरीन टॉनिक का काम करता है बल्कि फसलों पर लगने वाली इल्ली, फंगस और हानिकारक कीटों को दूर भगाने के लिए एक जबरदस्त प्राकृतिक कीटनाशक और फफूंदनाशक भी बन जाता है.
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