Kisan Award: किसान खेतों में पसीना बहाकर नाम कमाते हैं और देश का नाम देश के अलावा विदेशों मेें रोशन करते हैं. ऐसे किसानों को सम्मान देने में केंद्र सरकार व राज्य सरकारें भी पीछे नहीं रहती हैं. खेतीहर किसानों को सम्मान देने के लिए केंद्र व स्टेट गवर्नमेंट की ओर से अलग अलग पुरस्कार दिए जाते हैं. अब बिहार के किसानों को धान, गेहूं और आलू की खेती की बेहतर खेती करने के लिए किसान श्री, किसान गौरव सम्मान व किसान श्रेष्ठ सम्मान से नवाजा जाएगा. इसके लिए जिला व राज्य स्तर पर पूरी तैयारियां कर ली गई हैं.
इतने किसानों को दिया जाएगा सम्मानबिहार के बेगूसराय में धान, गेहूं और आलू की खेती में बेहतर करने वाले जिले के 75 किसान चयनित किए जाएंगे. इनमें से 70 किसानों को किसान श्री पुरस्कार मिलेगा, जबकि पांच किसानों को किसान गौरव सम्मान दिया जाएगा. कुछ किसानों को राज्य स्तर पर राज्य श्रेष्ठ पुरस्कार भी दिया जाएगा. इस संबंध में जिला प्रशासन व एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट तैयारियां में जुटा हुआ है. स्टेट लेवल पर भी किसानों को सम्मान देने के लिए सूचनाएं सांझा की जा रही हैं.
यह मिलेगा पुरस्कारसम्मान के रूप में स्टेट गवर्नमेंट किसानों को सम्मानित धनराशि देगी. किसान श्री के लिए प्रति किसान को 10 हजार रुपए दिए जाएंगे. उधर किसान गौरव सम्मान के लिए प्रत्येक किसान को 25 हजार रुपए और प्रशंसा पत्र दिया जाएगा. वहीं राज्य स्तर के लिए चयनित किसान को किसान श्रेष्ठ पुरस्कार के तहत 50 हजार की राशि और प्रशंसा पत्र दिया जाएगा.
नेशनल लेवल पर दिया जाता है गोपाल रत्न पुरस्कारमत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से वर्ष 2017 से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार योजना शुरू की गई है. ऐसे पशुपालक, किसान एवं उद्यमी को पुरस्कृत किया जाता है जो पशु पालन क्षेत्र में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं. इस सम्मान का मकसद देश में पशुधन को समृद्ध बनाकर दुग्धोत्पादन बढ़ाना है. इस योजना में देश के किसान, पशुपालक, डेयरी सहकारी समिति, दुग्ध उत्पादक कंपनी, कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसमें पहला पुरस्कार पाने वाले पशुपाल को 5 लाख रुपये,, दूसरे स्थान पर रहने वाले पशुपालक को 3 लाख और तृतीय पुरस्कार पाने वाले पशुपालक को 2 लाख रुपये की नकद पुरस्कार धनराशि दी जाती है.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.