पाइप लाइन खरीदने पर किसानों को मिलेगा 55% अनुदान, जानें कैसे?
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नीलेश ओझा | 29 Aug 2026 06:52 AM (IST)
सिंचाई में होने वाली पानी और डीजल की भारी बर्बादी को रोकने के लिए सरकार ने किसानों को पाइपलाइन पर दी है 55% तक की सीधी छूट. जानें किन किसानों को मिलेगा इसका सबसे बड़ा फायदा और क्या है आवेदन का तरीका?
एमपी में पाइपलाइन के लिए सब्सिडी
किसानों के लिए फसल की अच्छी पैदावार न हो तो मेहनत बेकार चली जाती है. और खेती में इसके लिए सही समय पर सिंचाई होना सबसे जरूरी होता है. अक्सर देखा जाता है खेत तक खुली नालियों से पानी ले जाने पर आधा पानी रास्ते में ही रिस जाता है. इससे न सिर्फ पानी की भारी बर्बादी होती है. बल्कि खेत के आखिर तक खड़े पौधों तक पानी पहुंचाने में किसानों का डीजल और बिजली का खर्च भी दोगुना हो जाता है. किसानों की इसी बड़ी परेशानी को दूर करने और कम पानी में अच्छी सिंचाई के लिए सरकार ने एक शानदार स्कीम शुरू की है.
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इस योजना के जरिए किसानों सिंचाई पाइप लाइन खरीदने पर 50 से लेकर 55 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है. इस सरकारी मदद से गांव के छोटे किसानों पर ज्यादा आर्थिक दवाब नहीं आएगा. इस योजना के लिए जरूरी पात्रता क्या है और इसके लिए किसान घर बैठे कैसे आवेदन कर सकते हैं जान लाजिए.
पाइप लाइन लगाने से पानी की बचत
खेतों में सिंचाई के लिए पाइप लाइन का इस्तेमाल करना आज के दौर में किसानों के लिए अच्छा फैसला साबित हो रहा है. जब किसान एचडीपीई या पीवीसी पाइपों के जरिए पानी को सीधे फसल की जड़ों तक पहुंचाते हैं. तो पानी की 30 से 40 प्रतिशत तक सीधी बचत होती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि नलकूप या मोटर को कम समय चलाना पड़ता है, जिससे हर महीने आने वाले बिजली के बिल और महंगे डीजल के खर्च में भारी कमी आती है.
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इसके अलावा खुली नालियों में पानी बहने से जो मिट्टी का कटाव होता था और मेड़ों पर खरपतवार उग आते थे. उस सिरदर्द से भी पूरी तरह छुटकारा मिल जाता है. उबड़-खाबड़ खेतों में भी पाइप लाइन बिछाकर बेहद आसानी से और एक समान तरीके से पानी पहुंचाया जा सकता है. इससे फसल को बिना किसी रुकावट के सही समय पर पर्याप्त नमी मिलती है. जिससे दानों का भराव शानदार होता है और उत्पादन में बढ़ोतरी देखने को मिलती है.
किसको मिलेगी सब्सिडी?
सरकार ने इस योजना को खासतौर पर छोटे, सीमांत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया है. योजना के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ महिला किसानों को पाइप लाइन की कुल खरीद लागत पर अधिकतम 55 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है. वहीं सामान्य और अन्य पिछड़े वर्ग के बड़े किसानों को लागत का 40 से 50 प्रतिशत तक का वित्तीय सहयोग मिल रहा है.
सरकार की ओर से यह सब्सिडी किसानों को 600 मीटर तक की एचडीपीई या फिर पीवीसी पाइप लाइन खरीदने पर दी जा रही है. योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खुद की खेती योग्य जमीन, खसरा-खतौनी के दस्तावेज और खेत में पानी का एक पक्का स्रोत जैसे कुआं, बोरवेल या तालाब होना जरूरी है. सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सब्सिडी राशि कागजी सत्यापन और मौके पर भौतिक जांच पूरी होने के बाद सीधे किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की जाती है.
सब्सिडी के लिए कैसे करना होगा आवेदन?
इस सरकारी योजना का लाभ ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इच्छुक किसान उद्यानिकी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट प जाकर या नजदीकी सीएससी सेंटर की मदद से अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. आवेदन करते समय किसान के पास आधार कार्ड, जमीन के पर्चे, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र अगर लागू हो और बिजली कनेक्शन का बिल होना जरूरी है.
किसानों को रजिस्टर्ड डीलर से तय मानकों वाले आईएसआई मार्क वाले ही पाइप खरीदने जरूरी हैं. खरीद का पक्का बिल पोर्टल पर अपलोड करते ही कृषि अधिकारी खेत पर जाकर पाइपों की जांच करते हैं और रिपोर्ट लगते ही पूरी सब्सिडी की रकम सीधे किसान के खाते में भेज दी जाती है.