आजकल गांव में रहकर अपना बिजनेस शुरू करने के कई विकल्प हैं. अगर आपके पास थोड़ी जमीन है तो आप केंचुओं की मदद से जैविक खाद बनाने का काम शुरू कर सकते हैं. इस खाद की जरूरत खेती करने वाले किसानों और घरों में पौधे लगाने वाले लोगों को भी होती है. खास बात यह है कि इस काम में गोबर, सूखे पत्ते और फसल के बचे हुए हिस्सों का इस्तेमाल किया जाता है. आइए जानते हैं कि 2 बीघा जमीन में यह काम कैसे शुरू कर सकते हैं और तैयार खाद को बेचकर कमाई कैसे कर सकते हैं.

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किन चीजों की होगी जरूरत?

इस काम को शुरू करने के लिए आपको गोबर, सूखे पत्ते, फसल का बचा हुआ कचरा, पानी और खाद बनाने वाले केंचुओं की जरूरत होगी. सबसे पहले जमीन पर गोबर और सूखे पत्तों की एक परत बिछाएं. इसके ऊपर केंचुए डालें और फिर गोबर व पत्तों का मिश्रण डाल दें. ध्यान रखें कि गोबर पूरी तरह गर्म न हो, क्योंकि ज्यादा गर्मी केंचुओं को नुकसान पहुंचा सकती है. इसके अलावा, खाद बनाने वाली जगह पर हल्की नमी बनाए रखना भी जरूरी है. इसके लिए समय-समय पर थोड़ा पानी छिड़कते रहें. साथ ही ध्यान दें कि वहां पानी जमा नहीं होना चाहिए. सही देखभाल करने पर खाद को तैयार होने में आमतौर पर 2 से 3 महीने लगते हैं.

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कैसे बनाएं जैविक खाद?

केंचुओं की मदद से जैविक खाद बनाना शुरू करने के लिए सबसे पहले ऐसी जगह चुनें, जहां सीधी धूप न आती हो और बारिश का पानी जमा न होता हो. इसके लिए खेत का कोई छायादार कोना चुनें. अब वहां गाय या भैंस का गोबर, सूखे पत्ते और फसल के बचे हुए हिस्से इकट्ठा करें. इन चीजों को कुछ दिनों तक पड़ा रहने दें, ताकि गोबर की गर्मी कम हो जाए. इसके बाद इसमें केंचुए डालें. केंचुए गोबर और पत्तों को धीरे-धीरे खाद में बदल देते हैं. इस तरह खेती के लिए अच्छी जैविक खाद तैयार की जाती है.

कैसे होगी कमाई?

जब खाद पूरी तरह तैयार हो जाए, तो उसे छानकर बोरियों में भरें. इसके बाद इसे आसपास के किसानों, पौधों की नर्सरी, गार्डन की दुकानों और घरों में पौधे लगाने वाले लोगों को बेचें. आप शुरुआत में अपने आसपास के खरीदारों से संपर्क कर सकते हैं और उनकी जरूरत के हिसाब से खाद तैयार करें. अगर आपके पास 2 बीघा जमीन है, तो वहां खाद बनाने के लिए अलग-अलग जगह तैयार करें. इस बिजनेस से होने वाली कमाई खाद की मात्रा, लागत और बाजार में मिलने वाली कीमत पर निर्भर करती है. काम शुरू करने से पहले नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग जरूर लें.

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