Corn Farming Tips: तपती गर्मी में मक्के की खेती करना काफी चुनौती भरा होता है. क्योंकि तेज धूप और लू फसल की नमी सोख लेती है. अगर इस दौरान सही देखभाल न की जाए. तो दानों की क्वालिटी खराब हो जाती है और बाजार में सही रेट नहीं मिल पाता. लेकिन अगर आप कुछ आधुनिक तकनीकों और एक्सपर्ट्स की बातों का ध्यान रखें. 

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तो तपती गर्मी में भी आपकी फसल लहलहाएगी और दानों में वो चमक आएगी जिसकी डिमांड बाजार में सबसे ज्यादा होती है. बेहतर मैनेजमेंट न केवल फसल को झुलसने से बचाता है. बल्कि पैदावार को इतना शानदार बना देता है कि आपका मुनाफा सीधे दोगुना हो सकता है. जान लीजिए पूरी प्रोसेस.

ऐसे करें मक्के की खेती

मक्के की सफल खेती के लिए सबसे पहले सही किस्म के बीजों का चुनाव करना बहुत जरूरी है. गर्मी के मौसम के लिए ऐसी वैरायटी चुनें जो अधिक तापमान को सह सकें. बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी और पौधे से पौधे की दूरी का सही तालमेल रखें ताकि हर पौधे को पर्याप्त हवा और रोशनी मिल सके.

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  • गर्मी में गहरी जुताई करने से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ जाती है.
  • बीजों को उपचारित करके बोने से शुरुआती बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है.

मिट्टी की तैयारी के समय ही पर्याप्त मात्रा में जैविक खाद डालने से पौधों को लंबे समय तक पोषण मिलता रहता है.

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ऐसे बढ़ेगी पैदावार

पैदावार बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी है कि भुट्टे में दाने बनते समय पौधे को किसी भी तरह के तनाव से बचाया जाए. इस दौरान पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव दानों के आकार और वजन को बढ़ाने में मदद करता है. सही समय पर सिंचाई और खाद का तालमेल ही पैदावार को कई गुना बढ़ा देता है.

  • दानों के ग्रोथ के समय नमी की कमी पैदावार को सीधे तौर पर 30-40% तक कम कर सकती है.
  • नैनो यूरिया या लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल पौधों की ग्रोथ को तेज और स्वस्थ बनाता है.

आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाकर कम पानी में भी आप मक्के की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार हासिल कर सकते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

फसल को कीटों और बीमारियों से बचाना सबसे बड़ी चुनौती है, खासकर गर्मियों में फॉल आर्मी वर्म का हमला तेजी से होता है. इसके लिए शुरुआत से ही खेत की निगरानी करें. साथ ही, फसल की कटाई तब करें जब दानों में नमी का स्तर सही हो ताकि उन्हें स्टोर करते समय कोई नुकसान न हो.

  • खरपतवारों को समय पर निकालने से मुख्य फसल को पूरा खाद और पानी मिलता है.
  • कटाई के बाद दानों को सही तरीके से सुखाना उनकी चमक और बाजार मूल्य को बरकरार रखता है.

अगर आप इन छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखते हैं. तो आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और आपको फसल का प्रीमियम दाम मिलेगा.

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