Cinnamon Cultivation Tips : घर में इस्तेमाल होने वाले मसालों में दालचीनी का सबसे खास मानी जाती है. इसकी खुशबू न सिर्फ खाने का टेस्ट बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए भी इसे फायदेमंद माना जाता है. आमतौर पर लोग इसे बाजार से खरीदते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दालचीनी का पौधा घर के किचन गार्डन या गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. सही मिट्टी, धूप और थोड़ी देखभाल से आप इसे अपने घर पर ही तैयार कर सकते हैं और लंबे समय तक इसका फायदा उठा सकते हैं. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि किचन गार्डन में दालचीनी की खेती कैसे कर सकते हैं.
किचन गार्डन में दालचीनी की खेती कैसे कर सकते हैं?
किचन गार्डन में दालचीनी की खेती करने के लिए सबसे पहले सही जगह चुनें. दालचीनी का पौधा गर्म और हल्की नमी वाले मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है. इसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां दिन में कुछ घंटे हल्की धूप आती हो. बहुत तेज धूप पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पूरी छांव में इसकी ग्रोथ धीमी हो जाती है. इसलिए बालकनी या छत का ऐसा हिस्सा सबसे अच्छा होता है जहां धूप और हवा मिले.
मिट्टी और गमले की तैयारी कैसे करें?
दालचीनी उगाने के लिए उपजाऊ और पानी निकलने वाली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. इसमें गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाना फायदेमंद होता है. अगर आप इसे गमले में लगाना चाहते हैं तो बड़ा और गहरा गमला चुनें जिससे जड़ें अच्छे से फैल सकें. ध्यान रखें कि गमले में पानी ज्यादा देर तक जमा न रहे, वरना पौधे की जड़ें खराब हो सकती हैं.
दालचीनी लगाने का सही तरीका क्या है?
दालचीनी उगाने के लिए आप या तो इसके बीज का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर नर्सरी से छोटा पौधा ला सकते हैं. नर्सरी वाला पौधा जल्दी बढ़ता है इसलिए यह ज्यादा बेहतर ऑप्शन माना जाता है. बीज को मिट्टी में लगभग आधा इंच गहरा बोया जाता है और फिर हल्का पानी दिया जाता है.
पानी और देखभाल कैसे करें?
दालचीनी के पौधे को नियमित रूप से हल्का पानी देना जरूरी होता है. गर्मियों में मिट्टी जल्दी सूख जाती है इसलिए इस समय थोड़ा ज्यादा ध्यान देना पड़ता है. वहीं बारिश के मौसम में पानी कम देना चाहिए. जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधा खराब हो सकता है, इसलिए बैलेंस रखना बहुत जरूरी है.
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पौधे की ग्रोथ कब तक होती है?
दालचीनी का पौधा जल्दी तैयार नहीं होता है. इसकी छाल को तैयार होने में लगभग 3 से 4 साल लग सकते हैं. जब इसकी छाल मोटी और भूरी हो जाए तभी इसे काटना चाहिए. यह एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन एक बार तैयार होने के बाद यह लंबे समय तक फायदा देता है.
सेहत के लिए दालचीनी के फायदे क्या हैं?
दालचीनी को आयुर्वेद में भी बहुत उपयोगी माना गया है. इसका इस्तेमाल चाय, काढ़ा और कई घरेलू नुस्खों में किया जाता है. यह डायबिटीज, दिल की सेहत और सूजन जैसी समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है. इसलिए इसे सिर्फ मसाले के रूप में नहीं बल्कि एक औषधीय पौधे के रूप में भी देखा जाता है.
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