भारत में पालतू जानवर रखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. पहले जहां घरों में आमतौर पर कुत्ते पाले जाते थे, वहीं अब बिल्लियां भी लोगों की पसंद बन रही हैं. खासकर शहरों में कामकाजी युवा और छोटे परिवार बिल्ली को पालतू जानवर के रूप में पसंद कर रहे हैं. इसकी वजह यह भी है कि बिल्लियों को कम जगह में रखा जा सकता है और उनकी देखभाल का तरीका भी कुत्तों के मुकाबले काफी आसान होता है.

Continues below advertisement

इसी बढ़ती मांग ने कैट ब्रीडिंग और कैट केयर को एक संभावित बिजनेस के रूप में सामने लाया है. हालांकि, इसे केवल एक बिजनेस के रुप में देखना सही नहीं होता क्योंकि इसमें व्यक्ति को बिल्लियों की देखभाल भी करनी पड़ती है. ऐसे में आइए जानते हैं बिल्ली पालन के लिए किन चीजों की आवश्यक्ता होती है.

ऐसे करें शुरुआत

बिल्ली पालन का बिजनेस शुरू करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपका मॉडल क्या होगा. आप पालतू बिल्लियों की जिम्मेदार ब्रीडिंग कर सकते हैं, कैट बोर्डिंग शुरू कर सकते हैं या कैट ग्रूमिंग और पेट केयर जैसी सेवाएं दे सकते हैं. अगर आप ब्रीडिंग मॉडल चुनना चाहते हैं, तो स्वस्थ और प्रमाणित नस्ल के पशुओं का चयन बेहद जरूरी है. इसके लिए आपको स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पशु चिकित्सक की मदद लेना चाहिए और बिल्लियों की देखभाल करना चाहिए.

Continues below advertisement

नस्ल के हिसाब से बदल सकती है कमाई

बाजार में अलग-अलग नस्लों की मांग और कीमत अलग होती है. कुछ लोग Persian, Siamese, Maine Coon जैसी नस्लों को पसंद करते हैं, जबकि कई परिवार घरेलू या इंडियन शॉर्टहेयर बिल्लियों को अपनाना पसंद करते हैं. भारत में Persian बिल्ली की मांग बहुत अधिक है. इसकी कीमत लगभग 10,000 से शुरु होती है और 50,000 तक पहुंचती है. हालांकि किसी नस्ल की कीमत केवल उसके नाम से तय नहीं होती. बल्कि इसके लिए बिल्ली की स्वास्थ्य स्थिति, उम्र, वैक्सीनेशन और जिम्मेदार ब्रीडिंग का रिकॉर्ड भी होना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: मोती की खेती कैसे करते हैं किसान, इसमें कितना फायदा?

खर्च भी समझना जरूरी

बिल्ली पालन में शुरुआती निवेश के साथ लगातार खर्च भी होता है. इसमें अच्छी गुणवत्ता का भोजन, लिटर, वैक्सीनेशन, हेल्थ केयर, दवाइयां, साफ-सफाई और रहने की जगह का खर्च शामिल हैं. इसके अलावा, यदि बिजनेस बढ़ाया जाता है तो बिल्लियों के ग्रूमिंग, एयर-कंडीशनिंग और मार्केटिंग पर भी खर्च होता है. यही वजह है कि बिल्ली पालन ऐसे ही शुरु नहीं किया जा सकता, इसके लिए आपको पूरे प्लान की जरुरत होती है.

केवल बिल्ली पालन ही नहीं है बिजनेस

इस क्षेत्र में बिल्ली पालन के अलावा भी कमाई की जा सकती है. कैट बोर्डिंग, पेट ग्रूमिंग, कैट डे-केयर, पेट फूड, एक्सेसरीज और बेसिक केयर प्रोडक्ट्स से भी अधिक कमाई की जा सकती हा. वहीं कस्टमर्स तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया भी एक बेहतरीन विकल्प होता है. इसकी मदद से आप बिल्लियों की देखभाल, खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी शेयर कर के कस्टमर्स को भरोसा दिला सकते हैं.

यह भी पढ़ें: तुलसी के पास आलू रखने से क्या होता है, सच में हरा-भरा रहता है पौधा?