आजकल लोगों को घर पर सब्जियां उगाने का खूब शौक है. शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के बीच लोग अपनी छत और बालकनी को हरा-भरा बनाकर किचन गार्डनिंग का मजा लेते हैं. बाजार में आजकल केमिकल वाली सब्जियां धड़ल्ले से बिक रही हैं. ऐसे में हर कोई ताजी और बिना केमिकल वाली सब्जी चाहते हैं. कई सब्जियां ऐसी होती हैं जो कई रेसिपी में इस्तेमाल की जाती हैं उन्हीं में एक है शिमला मिर्च जो कि पिज्जा, पास्ता, नूडल्स, फ्राइड राइस और पनीर टिक्का जैसी डिशेज में इस्तेमाल होती है. 

Continues below advertisement

अगर आप बाजार से शिमला मिर्च खरीदकर लाते हैं. तो कोई गारंटी नहीं कि वह केमिकल फ्री हो. ऐसे में फिर ऑप्शन बचता है कि आप घर पर ही शिमला मिर्च उगा लें. अपने घर शिमला मिर्च उगाने के लिए आपको बहुत हाथ-पैर मारने की जरूरत नहीं होगी. बस इसके लिए सही गमला,मिट्टी, धूप-पानी, सही पोषण की जरूरत होती है. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप घर की छत पर ही हरी-भरी शिमला मिर्च उगा सकते हैं.

ऐसे घर पर उगाएं शिमला मिर्च

घर पर शिमला मिर्च उगाने के लिए आपको एक सही साइज के गमले और पॉटिंग मिक्स यानी मिट्टी के मिश्रण की जरूरत होगी. जिससे शिमला मिर्च के पौधे की जड़ें मिट्टी में अच्छी तरह फैल सकें और पौधा मजबूती से खड़ा रह सके. इसके लिए आप कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा मिट्टी का गमला ले सकते हैं. गमले के नीचे एक्सट्रा पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल होना जरूरी है ताकि जड़ों में पानी न रुके. 

Continues below advertisement

मिट्टी तैयार करने के लिए 50% सामान्य बगीचे की साफ मिट्टी, 30% अच्छी तरह सड़ी हुई पुरानी गोबर की खाद और 20% बारीक नदी की रेत आपस में मिला लें. बीजों के लिए आप किसी भरोसेमंद नर्सरी या फिर बीज भंडार से अच्छी क्वालिटी के हाइब्रिड बीज ले सकते हैं. अगर कोई तैयार छोटी पौधा हो तो उसे भी खरीद सकते हैं. बीजों को आधा इंच गहराई में बोकर ऊपर से हल्की मिट्टी की परत बिछा दें और स्प्रे बोतल से पानी दें जिससे 6 से 8 दिनों में नए पौधे अंकुरित हो जाएं.

पौधे की सही देखभाल के लिए जरूरी टिप्स

शिमला मिर्च के पौधे को अच्छी धूप चाहित होती है. इसलिए अपने गमले को घर की छत में या फिर बालकनी में किसी खुली जगह रखें जहां रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे अच्छी धूप आती हो. अगर पौधे को सही धूप नहीं मिलेगी. तो उसकी वेजिटेटिव ग्रोथ तो होगी लेकिन उसमें फूल आने कम हो जाएंगे और जो फूल आएंगे वे भी झड़कर नीचे गिर जाएंगे. पानी देने के मामले में यह ध्यान रखें कि मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए. लेकिन गमले को कभी भी बहुत ज्यादा गीला न करें.

जब भी गमले की ऊपरी 1 से 1.5 इंच मिट्टी छूने पर सूखी लगे. तभी मग से धीरे-धीरे पानी दें. ज्यादा पानी देने यानी ओवर-वाटरिंग से जड़ों में फंगस लग जाती है और पौधा पीला पड़कर सूखने लगता है. जब पौधा लगभग 6 से 8 इंच बड़ा हो जाए तो उसके सबसे ऊपरी सिरे की हल्की सी पिंचिंग यानी प्रूनिंग कर दें. ऐसा करने से मुख्य तने से कई नई साइड ब्रांचेस निकलेंगी जिससे पौधा काफी घना और मजबूत बन जाएगा.

यह भी पढ़ें: दो एकड़ में पाइनएप्पल से कितनी कमाई होगी, जानें गणित

किन बातों का रखें ध्यान?

पौधे में जब छोटे-छोटे सफेद फूल खिलने लगें तो समझ लीजिए कि अब और एनर्जी और पोषण की जरूरत है. ऐसे समय में हर 15 से 20 दिन के अंतराल पर गमले की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई करके एक-दो मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट, नीम खली पाउडर और केले के छिलकों की लिक्विड ऑर्गेनिक खाद जरूर डालें. शिमला मिर्च के पत्तों पर एफिड्स, माइट्स या सफेद मक्खियों जैसे चूसक कीड़ों का हमला रोकने के लिए महीने में दो बार 5 मिलीलीटर नीम के तेल को पानी में मिलाकर हल्का स्प्रे करें. 

इससे पौधा बिना किसी जहरीले केमिकल के पूरी तरह स्वस्थ बना रहेगा. पौध लगाने के लगभग 65 से 75 दिनों के भीतर आपके गमले में हरी-भरी शिमला मिर्च तैयार हो जाती हैं. जब मिर्च पूरी तरह तैयार हो जाए तो कैंची की मदद से तने को नुकसान पहुंचाए बिना उसे काटकर अलग कर लें. 

यह भी पढ़ें: बाढ़ के पानी में डूब गई फसल, जानें कैसे ले सकते हैं मुआवजा?