Government Schemes for Farmers: भारत में किसान के विकाश के लिए एक एहम भूमिका निभाते हैं. यही वजह है की भारत सरकार किसानों की मदद के लिए एक साथ कई तरह की योजनाएं चला रही है, जैसे PM किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), सॉइल हेल्थ कार्ड और भी कई तरह की  सब्सिडी योजनाएं. ऐसे में किसानों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या वे एक साथ इन सभी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं, या फिर कोई एक योजना चुननी पड़ती है. ऐसे में आपको बता दें कि इसका जवाब हर योजना की शर्तों पर निर्भर करता है. इसलिए हर योजना के नियम समझना जरूरी है, ताकि किसान गलती से नियम तोड़ें नहीं और उन्हें बाद में पैसा वापस न करना पड़े. 

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PM किसान, KCC और फसल बीमा एक साथ ले सकते हैं?

सबसे पहली बात यह समझनी चाहिए कि PM किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना को सरकार ने आपस में जोड़ दिया है, इसलिए एक किसान इन तीनों का एक साथ फायदा उठा सकता है. PM किसान के लाभार्थियों के लिए बैंकों ने KCC के लिए एक आसान, एक पेज का फॉर्म भी शुरू किया है, ताकि किसान बिना जमीन गिरवी रखे 1.60 लाख रुपये तक का लोन आसानी से ले सकते हैं. जब कोई किसान KCC लेता है, तो उसे PMFBY यानी फसल बीमा का फायदा भी अपने आप मिल जाता है, क्योंकि यह दोनों योजनाएं आपस में लिंक हैं.

इसके अलावा KCC लेने वाले किसानों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा भी मिलता है, जिसमें मृत्यु होने पर 50,000 रुपये और स्थायी विकलांगता पर 25,000 रुपये तक का कवर मिलता है. इसका मतलब यह हुआ कि PM किसान, KCC और फसल बीमा तीनों योजनाएं मिलकर काम करती हैं और किसान इनका एक साथ पूरा फायदा उठा सकता है. 

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किन योजनाओं में सिर्फ एक ही सदस्य को मिलता है लाभ?

हालांकि PM किसान योजना में एक अहम नियम है जो किसानों को समझना बहुत जरूरी है. सरकार के नियमों के मुताबिक PM किसान योजना में पूरे परिवार को एक यूनिट माना जाता है, और परिवार में पति, पत्नी व नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं. इसका मतलब है कि एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य इस योजना का पैसा ले सकता है. अगर पति और पत्नी दोनों अलग-अलग आवेदन करके पैसा ले लेते हैं, तो इसे नियमों के खिल्लाफ माना जाता है. साथ ही, Tax देने वाले लोग, सरकारी कर्मचारी, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे या फिर संवैधानिक पदों पर रह चुके लोग इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते, क्योंकि यह योजना खास तौर पर छोटे और जरूरतमंद किसानों के लिए बनाई गई है.

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