देश के ग्रामीण इलाकों में पशुपालन हमेशा से ही कमाई का एक बेहतरीन जरिया रहा है. आजकल डेयरी फार्मिंग एक बड़े स्टार्टअप का रूप ले चुका है. बहुत से लोग सोचते हैं कि डेयरी फार्म खोलने के लिए लाखों रुपये और दर्जनों मवेशियों की जरूरत होती है. लेकिन कृषि और डेयरी विशेषज्ञों का मानना है कि आप बेहद कम लागत में केवल 5 भैंसों से भी अपना तबेला शुरू कर सकते हैं.

Continues below advertisement

अगर सही योजना और आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से काम किया जाए, तो यह छोटा सा तबेला भी आपको हर महीने बंपर मुनाफा दे सकता है. आइए जानते हैं कि कैसे सिर्फ 5 भैंसों से आप एक सफल डेयरी बिजनेस खड़ा कर सकते हैं.

सही नस्ल का चयन है सबसे जरूरी

डेयरी बिजनेस की सफलता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी भैंसें कितना दूध देती हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, तबेले के लिए हमेशा उन्नत नस्ल की भैंसें ही चुननी चाहिए. भारत में मुर्रा, जाफराबादी, मेहसाना और नीली रावी जैसी नस्लें सबसे ज्यादा दूध देने के लिए जानी जाती हैं. इनमें भी मुर्रा भैंस को सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे लोग काला सोना भी कहते हैं. एक अच्छी मुर्रा भैंस रोजाना 12 से 15 लीटर तक दूध आसानी से दे देती है. अगर आप शुरुआती दौर में 5 अच्छी मुर्रा या मेहसाना भैंसें खरीदते हैं, तो आपके पास हर दिन एक बड़ा दूध का स्टॉक तैयार हो जाएगा.

Continues below advertisement

दूध और मुनाफे का पूरा गणित

अगर आपकी एक भैंस रोजाना औसतन 12 लीटर दूध देती है, तो 5 भैंसों से हर दिन करीब 60 लीटर दूध मिलेगा. वर्तमान में शुद्ध भैंस के दूध की मांग शहरों और कस्बों में बहुत ज्यादा है और यह आसानी से 60 से 70 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक जाता है. यदि हम न्यूनतम 60 रुपये प्रति लीटर का भाव भी पकड़ें तो 60 लीटर दूध से आपकी रोज की कमाई 3,600 रुपये होगी. इस हिसाब से महीने का कुल टर्नओवर 1 लाख रुपये से ऊपर चला जाता है. इसमें से पशुओं के चारे, दवा और देखरेख का खर्च निकालने के बाद भी किसान भाई हर महीने 40 से 50 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: सर्दियों में बढ़ेगी गर्मी? अल नीनो बिगाड़ सकता है गेहूं का खेल!

पशुओं का सही आहार है सबसे जरूरी

भैंसों से लगातार अच्छा दूध उत्पादन लेने के लिए उनके खान-पान पर विशेष ध्यान देना पड़ता है. पशु आहार में केवल सूखा भूसा देना काफी नहीं है. दूध बढ़ाने के लिए उन्हें संतुलित मात्रा में हरा चारा, खली, कपास के बीज, और मिनरल मिक्सचर देना जरूरी है. इसके अलावा, तबेले में साफ-सफाई का खास ख्याल रखें. अगर तबेला हवादार और साफ रहेगा, तो पशु बीमार नहीं पड़ेंगे. समय-समय पर पशु चिकित्सकों से सलाह लेकर भैंसों का वैक्सीनेशन और पेट के कीड़े मारने की दवा जरूर दें. स्वस्थ भैंस ही आपको लंबे समय तक बढ़िया मुनाफा दे सकती है.

यह भी पढ़ें: ट्रैक्टर खरीदने का मौका! किसानों को मिलेगी 1 लाख रुपये की सब्सिडी