Bihar Monsoon Session 2026: बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार ने जमीन से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनका सीधा फायदा राज्य में उद्योग लगाने वालों को मिलेगा. इस सत्र में विधानसभा से कुल सात जरूरी विधेयक पास हुए, जिनमें से एक है  बिहार कृषि भूमि (गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) निरसन विधेयक, 2026 है. सीधी भाषा में समझें तो पहले अगर किसी को अपनी कृषि भूमि पर उद्योग या कोई और काम शुरू करना होता था, तो पहले उस जमीन को कृषि से गैर-कृषि भूमि में बदलवाना पड़ता था. लेकिन अब सरकार ने इस पुराने नियम को ही खत्म कर दिया है. इसका मतलब अब किसान अपनी कृषि भूमि पर आसानी से उद्योग शुरू कर सकेंगे और उन्हें जमीन बदलवाने के झंझट से नहीं गुजरना पड़ेगा. हालांकि यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है, इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया हैऔर उनकी मुहर लगने के बाद ही यह पूरी तरह लागू होगा. 

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अब जमीन के नाम बदलवाने पर देना होगा पैसा

इसी सत्र में एक और जरूरी विधेयक भी पास हुआ है जिसका नाम है बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026. इसके मुताबिक अब अगर कोई व्यक्ति अपनी जमीन का दाखिल-खारिज यानी नाम ट्रांसफर करवाना चाहता है, या इससे जुड़ी कोई शिकायत, अपील या दोबारा जांच के लिए आवेदन करता है, तो उसे अब 200 रुपये का शुल्क देना होगा. राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि यह पैसा राज्य में चल रहे विकास कामों को तेज करने और सरकार की कमाई बढ़ाने के लिए लिया जा रहा है. 

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गरीब परिवारों को भी मिलेगी जमीन

सरकार ने उन लोगों के लिए भी एक अच्छी खबर दी है जिनके पास जिनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है. मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि इस साल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करीब 30 हजार भूमिहीन परिवारों को जमीन का कागज देंगे. इसके तहत हर पात्र परिवार को घर बनाने के लिए तीन डिसमिल जमीन दी जाएगी. यह पूरा काम 'अभियान बसेरा-2' नाम की योजना के तहत ऑनलाइन तरीके से किया जा रहा है, ताकि इसमें कोई गड़बड़ी न हो सके.सरकार का कहना है कि इससे हजारों गरीब परिवारों को अपने घर का पक्का हक मिलेगा और उनकी जिंदगी में सुरक्षा आएगी. 

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